4.8 C
London
Thursday, March 26, 2026
HomeUncategorizedसरकार को 95%, अडानी को 17%, लेकिन अंबानी को शून्य! जानिए ये...

सरकार को 95%, अडानी को 17%, लेकिन अंबानी को शून्य! जानिए ये क्या आंकड़ा है

Published on

नई दिल्ली

कर्ज में डूबी बिजली कंपनी लैंको अमरकंटक पावर के देश के दो सबसे बड़े रईस गौतम अडानी और मुकेश अंबानी रेस में थे। लेकिन कंपनी के अधिकांश लेंडर्स ने सरकार के ऑफर के पक्ष में वोट दिया। दो सरकारी कंपनियों पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और आरईसी (REC) ने भी इसके लिए रिजॉल्यूशन प्लान दिया था। कर्ज की वैल्यू के हिसाब से 95% लेंडर्स ने PFC-REC के रिजॉल्यूशन प्लान के पक्ष में वोट दिया जबकि अडानी ग्रुप को केवल 17 फीसदी वोट मिले। वोटर्स के पास एक, ऑल्टरनेटिव या सभी प्लान्स के लिए वोट देने का अधिकार था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्लान को कोई भाव नहीं मिला। किसी भी लेंडर ने मुकेश अंबानी की इस कंपनी के प्लान को सपोर्ट नहीं किया।

लैंको अमरकंटक पावर इनसॉल्वेंसी प्रोसेस से गुजर रही है। पीएफसी और आरईसी का इस कंपनी पर कर्ज है। रिजॉल्यूशन प्लान पर वोट देने की अंतिम तारीख सोमवार को थी। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल सौरभ कुमार तिकमनी ने तीनों रिजॉल्यूशन पर वोटिंग कराई। हालांकि माइनोरिटी सिक्योर्ड क्रेडिटर्स ने प्रॉसीड्स का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। उनकी अपील पर एनसीएलटी 18 जनवरी को सुनवाई करेगा। मामले से जुड़े एक एडवाइजर ने कहा कि लेंडर्स ने प्लान के लिए वोट दे दिया है लेकिन रिजॉल्यूशन की प्रक्रिया एनसीएलटी का फैसला आने के बाद ही पूरी होगी।

अंबानी-अडानी ने किया था बॉयकॉट
पीएफसी और आरईसी ने 3,020 करोड़ रुपये अपफ्रंट पेमेंट का ऑफर दिया है। यह लेंडर्स के स्वीकृत दावों के 21 फीसदी के बराबर है। इन दो कंपनियों का लैंको अमरकंटक पावर के कुल कर्ज में 42 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के फैसले पर वीटो करने का पावर थी। अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक दिसंबर को ऑक्शन प्रोसेस में हिस्सा नहीं लिया था। उनका आरोप था कि PFC-REC को फेवर करने के लिए लिए अंतिम क्षणों में बिडिंग प्रोसेस में बदलाव किया गया। इसलिए उनके पहले राउंड के ऑफर को ही वोटिंग के लिए रखा गया था। अडानी ग्रुप ने 2,950 करोड़ रुपये और रिलायंस ने 2,103 करोड़ रुपये अपफ्रंट पेमेंट का ऑफर दिया था।

लैंको अमरकंटक पावर का छत्तीसगढ़ में कोरबा-चांपा राज्य राजमार्ग पर कोल बेस्ड थर्मल पावर प्रोजेक्ट है। इसमें पहले चरण में 300-300 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली पैदा की जा रही है। इससे हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को बिजली आपूर्ति की जा रही है। दूसरे चरण में दो यूनिट और बन रही हैं। इनमें से प्रत्येक की क्षमता 660 मेगावाट है। इसमें तीसरे चरण में भी 660 मेगावाट की दो यूनिट बननी हैं। इन पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है।

Latest articles

राजधानी भोपाल से भगवान श्रीराम की नगरी तक हेलीकाप्टर सेवा शुरू — मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के जन्मदिन पर बुधवार को भोजपाल महोत्सव मेला समिति द्वारा...

नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: शहरभर में अतिक्रमण हटाया, सामान जब्त

भोपाल भोपाल में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।...

नई दिल्ली दौरे पर सीएम भजनलाल शर्मा, विकास परियोजनाओं पर हुई अहम बैठकें

भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली दौरे के दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों और...

कोटक महिंद्रा बैंक पर 160 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, पंचकूला नगर निगम की एफडी में बड़ी गड़बड़ीपंचकूला।

हरियाणा के पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को लेकर...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...