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Wednesday, April 29, 2026
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UP: मां-बेटी की झोपड़ी में जलकर मौत, अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम पर गंभीर आरोप

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कानपुर देहात

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम से विवाद हो गया. इसके बाद झोपड़ी पर टीम ने बुलडोजर चलवा दिया. इसी दौरान उसमें आग लग गई है और मां-बेटी की जलकर मौत हो गई. साथ ही पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना पर कमिश्नर, एडीजी, आईजी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. उधर, घटना की जानकारी होने पर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री भी मौके पर पहुंच गईं और जिला जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए.

परिवार का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के दबंगों के साथ मिलकर हमारी झोपड़ी में आग लगा दी। जिसमें हम लोग बच कर निकल आए लेकिन हमारी मां और बहन की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी गाड़ी छोड़कर भागे। उन पर आरोप है कि तहसील प्रशासन ने जबरन गिराया था पीड़ित का मकान। मकान गिरने के बाद झोपड़ी में रहता था पीड़ित परिवार। ग्रामीणों के बीच प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश। घटनास्थल पर एसपी समेत भारी पुलिस बल तैनात। कानपुर देहात के मैथा तहसील क्षेत्र के मड़ौली का मामला।

वहीं, कानपुर देहात के एसपी आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति का कहना है कि दोपहर में थाना रूरा में एसडीएफ फोर्स के साथ सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने आए थे। उसी समय खेत में काम करने वाली एक महिला और उसकी बेटी झोपड़ी में आए और उन्‍होंने दरवाजा बंद करके खुद को आग लगा ली। दोनों की मृत्‍यु हुई है। इस मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। घटना में लेखपाल कुछ चोट आई है। एसओ रूरा ने महिलाओं को बचाने की कोशिश की उनके हाथ झुलस गए हैं। इनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, हालत कंट्रोल में हैं।

आग को बुझाने में कृष्ण गोपाल बुरी तरह से झुलस गए और बेटा शिवम भी मामूली जल गया. घटना की जानकारी पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और टीम को मौके से खदेड़ दिया. इस दौरान ग्रामीणों ने लेखपाल की गाड़ी पलट दी. गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की भी तैनाती कर दी गई है. सूचना पर कानपुर कमिश्नर ADG और आईजी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को शांत करवाते हुए ग्रामीणों को समझाया और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह परिवार एक महीने पहले जिलाधिकारी नेहा जैन के कार्यालय भी पहुंचा था.

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