लंदन: भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थकों का हंगामा, सुरक्षाकर्मियों पर फेंकी गई स्याही

नई दिल्ली,

लंदन के भारतीय उच्चायोग के बाहर जमकर बवाव हुआ है. खालिस्तान समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर इंक फेंकी है, बैरिकेड तोड़ने की भी कोशिश हुई है. पिछले दिनों भी खालिस्तान समर्थकों ने इसी तरह हिंसक प्रदर्शन किया था, एक तय साजिश के तहत भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है.

जब से भारत में अमृतपाल के खिलाफ पंजाब पुलिस पड़ी है, अमेरिका, कनाडा और लंदन में खालिस्तानी समर्थक सक्रिय हो गए हैं. उनकी तरफ से लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. ट्विटर पर भी एक तय रणनीति के तहत कुछ हैशटैग को वायरल करवाया जा रहा है. ये दिखाने की कोशिश हो रही है कि उनकी खालिस्तान मुहिम को जनता का समर्थन मिल रहा है. उसी कड़ी में अब लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर ये बवाल काटा गया है. पानी की बोतलें भी उच्चायोग की तरफ फेंकी गई हैं.

अब ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि अमृतपाल के खिलाफ भारत में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी हो चुका है. जानकारी के लिए बता दें कि 18 मार्च को अमृतपाल को गिरफ्तार करने की तैयारी थी. लेकिन वो चकमा देकर फरार हो गया था. पुलिस ने अपने हलफनामे में उस बारे में विस्तार से बताया था.

हलफनामे में बताया गया था कि अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए 18 मार्च को एक ऑपरेशन शुरू किया गया था. पुलिस नाका भी तैयार था. उसी समय अमृतपाल और उसकी गाड़ियों का काफिला वहां आया था. वो खुद मर्सिडीज गाड़ी में मौजूद था, उसके साथी दूसरी गाड़ियों में आ रहे थे. कुल चार गाड़ियां पुलिस नाके के पास आ गई थीं. उनके काफिले को पुलिस ने तुरंत रोका था. लेकिन उन्होंने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेड तोड़ दिए. इस घटना को लेकर एक FIR दर्ज की गई थी. खालचियान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था और सभी पुलिस स्टेशन को अलर्ट कर दिया गया था. जानकारी दी गई थी कि चार गाड़ियां बैरिकेड तोड़कर भागी हैं, उन्हें पकड़ना है.

पुलिस कमिश्नर ने ये भी बताया था कि अमृतपाल और उसके साथियों ने तेज रफ्तार में गाड़ी चलाई थी. सलेमा गांव में एक सरकारी स्कूल के पास तो रैश ड्राइविंग तक की गई थी. चॉकलेटी रंग की ISUZU गाड़ी में तो खुद अमृतपाल सवार था. वहां लोगों में खौफ पैदा करने के लिए वो अपनी राइफल हवा में लहरा रहा था. इसके बाद उस गाड़ी को वहीं मौके पर छोड़कर दूसरी गाड़ी ब्रेजा में सवार हो गया. तब वो और उसके साथी शाहकोट के लिए निकल गए. वहां एक तरफ प्लेटिना बाइक पर अमृतपाल सवार हुआ तो वहीं उसका दूसरा साथी बुलेट लेकर निकल गया.अब एक तरफ अमृतपाल की तलाश जारी है तो दूसरी तरफ उसके समर्थन में खालिस्तानी समर्थक ट्विटर पर एक मुहिम चला रहे हैं. सेम कंटेंट के साथ फर्जी अकाउंट के जरिए कई पोस्ट शेयर की जा रही हैं.

About bheldn

Check Also

भारतीय कामगारों के लिए ‘नरक’ बना यह पूर्व सोवियत देश! भारत का है पक्का दोस्‍त

येरेवन: भारतीय श्रमिकों की मांग पूरी दुनिया में है। ये न केवल अपने काम के …