‘पहलवानों के धरने से हरियाणा सरकार ने किया किनारा, CM खट्टर बोले- राज्य से संबंधित नहीं है मामला

चंडीगढ़,

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को एक और बड़ा झटका लगा है. हरियाणा सरकार ने इस पूरे विवाद से किनारा कर लिया है. बीजेपी नेता या तो इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं या दावा कर रहे हैं कि ये मुद्दा राज्य से संबंधित नहीं है. खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कहा कि दबाव बनाने के बजाय समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है.

बता दें कि नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहलवान 14 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन पहलवानों के पक्ष में हरियाणा के विपक्षी दलों, खिलाड़ियों के परिवारों और खाप पंचायतों ने खुलकर समर्थन दिया है. दिलचस्प बात यह है कि पहलवानों के ‘आंदोलन’ का नेतृत्व तीन प्रमुख रेसलर्स कर रहे हैं, इनमें विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया शामिल हैं. WFI के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का विरोध करने वाले ज्यादातर पहलवान हरियाणा के हैं.

‘CM ने कार्रवाई करने में असमर्थता जताई’
हरियाणा सरकार ने यह कहते हुए आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया कि ये मामला नई दिल्ली के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी और मामले में कार्रवाई करने में असमर्थता जताई है. उन्होंने कहा कि यह मामला हरियाणा से संबंधित नहीं है.

‘दिल्ली पुलिस केस की जांच करेगी’
सीएम ने आगे कहा- हरियाणा सरकार खिलाड़ी के मुद्दे से वाकिफ हैं, जो हरियाणा से संबंधित नहीं है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है. यह मामला नई दिल्ली और केंद्रीय टीमों का है. सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है, ऐसा ही किया गया है और दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच करेगी. दबाव बनाने के बजाय समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है.

‘निष्पक्ष जांच से पता चलेगी सच्चाई’
हरियाणा के करनाल में मनोहर लाल खट्टर ने मीडियाकर्मियों से कहा कि निष्पक्ष जांच से पता चलेगा कि लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं. खट्टर की प्रतिक्रिया लगभग एक पखवाड़े के बाद पहलवानों के विरोध करने के बाद आई है. इससे पहले इस साल जनवरी में खट्टर ने पहलवानों को समर्थन देने की घोषणा की थी और कहा था कि उनकी सरकार पहलवानों का मनोबल नहीं गिरने देगी.

‘पहले कहा था- मनोबल कम नहीं होने देंगे’
खट्टर ने कहा था कि हमारी महिला एथलीटों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है और हम इसे गंभीरता से लेते हैं. उन्होंने कहा था कि हम पहलवानों का मनोबल कम नहीं होने देंगे.

‘महावीर फोगाट ने अवॉर्ड लौटाने की धमकी दी’
पूर्व पहलवान और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महावीर फोगाट ने सरकार को बड़ी धमकी है. उन्होंने कहा है कि बेटियों की आवाज को नहीं सुना जा रहा है. अगर खिलाड़ियों को न्याय नहीं मिला और उन्होंने (रेसलर्स) अपने पदक लौटाने का फैसला किया तो मैं भी द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटा दूंगा.

‘विपक्षी दलों ने हरियाणा सरकार को घेरा’
दंगल गर्ल गीता फोगट ने भी दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने पति पवन सरोहा के साथ मुझे भी गिरफ्तार किया है. विरोध प्रदर्शनों को पूरा करने की कोशिश करने वाले कई नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा- हरियाणा सरकार महिला एवं किशोरी सम्मान योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी लगभग एक दर्जन कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. यौन उत्पीड़न के आरोप हरियाणा की ही बेटियां लगा रही हैं.

‘चुप्पी साधे है राज्य सरकार’
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे ज्यादातर पहलवान हरियाणा से हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस मुद्दे को उठाना राज्य सरकार का कर्तव्य था, लेकिन यह ना सिर्फ WFI प्रमुख के बारे में बल्कि अपने ही कैबिनेट मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ भी चुप है, जो यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं.

SC ने पहलवानों की याचिका बंद की
महिला पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि अब तक सभी पीड़िताओं के बयान क्यों दर्ज नहीं किए गए? इतना ही नहीं कोर्ट ने पूछा कि कब इनके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए जाएंगे. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस याचिका का उद्देश्य बृजभूषण शरण के खिलाफ FIR दर्ज कराना था. अब एफआईआर दर्ज हो गई है. ऐसे में हम याचिका बंद कर रहे हैं. इसके साथ ही सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, याचिकाकर्ताओं न्यायिक मजिस्ट्रेट या हाईकोर्ट के पास और राहत के लिए जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

23 अप्रैल से पहलवानों का धरना जारी
दरअसल, जंतर मंतर पर पहलवान 23 अप्रैल से कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भी जारी किया था.

दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ दो मामले किए दर्ज
हालांकि, बाद में दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों की शिकायत पर बृजभूषण सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे. नाबालिग की शिकायत पर पहली एफआईआर में बृजभूषण के खिलाफ पॉक्सो एक्ट लगाया गया है. दूसरी एफआईआर में धारा 345, धारा 345(ए), धारा 354 (डी) और धारा 34 लगाई गई हैं. इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जिन महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, उनके बयान में जिक्र जगहों और इवेंट के बारे में फेडरेशन और कंसर्न ऑथोरिटी से जानकारी ली जा रही है. ताकि पुलिस आरोपों की सच्चाई का पता लगा सके. सूत्रों के मुताबिक, जानकारी मिलने के बाद पुलिस उस समय वहां मौजूद लोगों के भी बयान दर्ज करेगी. अब तक पुलिस ने कुछ शिकायतकर्ता पहलवानों ने बयान दर्ज किए हैं, कुछ के बयान जल्द दर्ज किए जाएंगे. हालांकि, किसी भी शिकायतकर्ता के कोर्ट में बयान दर्ज नहीं करवाए गए हैं.

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