अतीत हुआ माफिया… अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ दर्ज सैकड़ों मुकदमे होंगे बंद, चलते रहेंगे ये केस

प्रयागराज

पूर्वाचल के बहुबली माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मुकदमें कोर्ट के आदेशानुसार बन्द होगें। अब अतीक अहमद और अशरफ के विरुद्ध दर्ज मुकदमों के विवेचक कोर्ट में दोनों की डेथ रिपोर्ट सबमिट करेंगे। उसके बाद सम्बंधित कोर्ट की संस्तुति के बाद ,कोर्ट के आदेशानुसार सभी मुकदमों में से मरहूम अतीक अहमद व अशरफ के नाम विवेचना बंद कर दी जाएगी। लेकिन उसी मुकदमों के अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच व कार्यवाही जारी रहेगी।

मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने अतीक के खिलाफ देवरिया जेल में प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को पीटने के मामले को बंद करके इसकी पहल कर दी है। माफिया अतीक अहमद पर कुल 104 मुकदमें दर्ज हैं।

तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप
वैसे तो अतीक अहमद व अशरफ पर बहुत से आपराधिक मुकदमें दर्ज हुए। जिसमें हत्या,हत्या के प्रयास,रंगदारी,किडनैपिंग,जमीन कब्जा गैंगेस्टर,एनएसए जैसे आरोप लगे थे। लेकिन ऐसे बड़े आपराधिक कृत्य जिसकी चर्चा अभी तक होती है उसमें 25 जनवरी 2005 को तत्कालीन नवनिर्वाचित बसपा विधायक राजूपाल की दिन दहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या करना शामिल है। विधायक राजूपाल हत्या कांड की सीबीआई जांच पूरी हो चुकी है। लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में मुकदमा अंतिम चरण में है।

बीजेपी नेता, वकील उमेश पाल हत्याकांड
प्रयागराज के सुलेम सरांय में 24 फरवरी को उमेशपाल की गोली बममार कर दुःसाहसिक ढंग से फिल्मी स्टाइल में हत्या हुई। हमले में घायल दो गनर सिपाहियों की भी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। इस घटना ने योगी सरकार के कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली। दुःसाहसिक घटना की गूंज सदन तक पहुंची। उमेशपाल हत्याकांड का आरोप अतीक अहमद,अशरफ ,शाईस्ता परवीन,अतीक अहमद के बेटे असद व अन्य बेटों के साथ ही अतीक अहमद के शूटर्स व करीबियों पर लगा। जिसको लेकर योगी सरकार ने बड़ी तेजी से कार्रवाई शुरू किया।

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