3.7 C
London
Monday, April 6, 2026
Homeराष्ट्रीयचैटजीपीटी जैसी एआई टेक्नोलॉजी पर लगाम लगाएगी सरकार, जानिए क्या है प्लान

चैटजीपीटी जैसी एआई टेक्नोलॉजी पर लगाम लगाएगी सरकार, जानिए क्या है प्लान

Published on

नई दिल्ली

देश और दुनिया में चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे एआई-इनेबल्ड स्मार्ट टेक प्लेटफॉर्म्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दुनियाभर की सरकारें इस बात पर माथापच्ची कर रही हैं कि इस पर कैसे लगाम लगाई जाए। भारत सरकार भी इससे बेखबर नहीं है। सरकार इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (regulatory framework) बनाने पर विचार कर रही है। उसका कहना है कि इस बारे में जो भी कानून बनाया जाएगा, वह दूसरे देशों के कानूनों के मुताबिक होगा। कम्युनिकेशंस एंड आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने मंगलवार को कहा कि एआई प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया के कई देश इस पर नजर रखे हुए हैं। दुनियाभर के देशों के बीच चर्चा के बाद इस बारे में एक फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है।

वैष्णव ने कहा कि पूरी दुनिया इस बारे में चर्चा कर रही है कि इसके लिए क्या फ्रेमवर्क और रेगुलेटरी सेटअप होना चाहिए। जी7 देशों के डिजिटल मिनिस्टर इस बात को लेकर गंभीर हैं कि इसके लिए किस तरह का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क होना चाहिए। इसलिए यह दुनिया का विषय है। यह किसी एक देश का मुद्दा नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में विभिन्न देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान जारी रहेगा। जब उनसे पूछा गया कि चैट जीपीटी जैसे एआई चैट प्लेटफॉर्म्स को लेकर क्या समस्याएं हैं, तो उन्होंने कहा कि ये आईपीआर, कॉपीराइट और अलगॉरिद्म को लेकर पूर्वाग्रह से जुड़ी हैं। इस तरह के कई मुद्दे हैं। यह बहुत बड़ा फील्ड है। क्या इस विषय पर अलग कानून की जरूरत है, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर सभी देशों को एक को-ऑपरेटिव फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है।

चैटजीपीटी की बढ़ती लोकप्रियता
चैटजीपीटी को स्टार्टअप कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने विकसित किया है। इसे पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया था और पहले पांच दिन में ही इसके 10 लाख से अधिक यूजर बन गए थे। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने इस कंपनी में अरबों डॉलर का निवेश किया है। साथ ही उसने अपने प्रॉडक्ट्स में इस टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट किया है। गूगल (Google) भी अपना जेनेरेटिव एआई टूल Bard को विकसित कर रहा है। लेकिन दुनियाभर के रेगुलेटर्स इस तरह की टेक्नोलॉजी की बढ़ती लोकप्रियता, स्वीकार्यता और बढ़ते चलन से चिंतित हैं। उनकी चिंता यह है कि इससे लोगों को गुमराह किया जा सकता है, फर्जी खबरें फैलाई जा सकती हैं, कॉपीराइट का उल्लंघन किया जा सकता है और लाखों नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है।

यूरोपियन और अमेरिकन रेगुलेटर्स इस तरह की स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर लगाम कसने के लिए पहले ही कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। सोमवार को ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी संसद में अपनी पेशी में कहा कि पावरफुल एआई सिस्टम के खतरों को कम करने के लिए सरकार की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा, ‘लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि टेक्नोलॉजी के एडवांस होने से उनका जिंदगी जीने का तरीका बदल जाएगा। इसे लेकर पूरी दुनिया में चिंता है और हम भी इससे चिंतित हैं।’

Latest articles

अवधपुरी में अवैध शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल। अवधपुरी इलाके में अवैध शराब दुकान को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।...

अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क निर्माण के दौरान फूटी पानी की पाइप लाइन, सप्लाई प्रभावित

भोपाल। शहर में अयोध्या बायपास पर चल रहे 10 लेन सड़क निर्माण कार्य के...

उत्पादन लक्ष्य पूर्ति पर भेल के कार्यपालक निदेशक को दी बधाई

भेल। भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक से सौजन्य मुलाकात कर फायनेंशियल वर्ष 2025-2026 के...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

विधानसभा में हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व...

More like this

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...