क्‍या सच हो जाएगी इमरान खान की एनकाउंटर वाली भविष्‍यवाणी? जमान पार्क के बाहर फौज की भीड़ देख समर्थकों के होश उड़े

लाहौर

लाहौर का जमान पार्क इस समय अंतरराष्‍ट्रीय सुर्खियों में छाया हुआ है। यहां पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का घर है। वही घर जिसमें 40 आतंकियों के छिपे होने की बात बुधवार को कही गई थी। पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के मुखिया इमरान अपने घर के अंदर हैं। इमरान ने बुधवार को ही एक वीडियो शेयर किया था जिसमें उन्‍होंने दिखाया था कि घर के बाहर पुलिस कीकि भीड़ किस हद तक मौजूद हैं। पंजाब की सरकार की तरफ से इमरान खान को 24 घंटे की डेडलाइन दी गई थी। यह डेडलाइन अब खत्‍म हो गई है। इसके साथ ही ट्विटर पर इमरान के एनकाउंटर तक की आशंकाएं जताई जाने लगी हैं। खुद इमरान भी कह चुके हैं कि सरकार उनका एनकाउंटर करा सकती है।

जमान पार्क में चलेगा ऑपरेशन!
इस साल 22 मार्च को इमरान ने अपने इसी जमान पार्क वाले घर से कहा था कि उन्‍हें मारने की तैयारी हो चुकी है, आज या कल किसी भी पल उनकी जान ली जा सकती है। इमरान ने दावा किया था कि पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की सरकार उन्‍हें पुलिस एनकाउंटर में उसी तरह से मारने की साजिश कर रही है, जैसी साजिश में मुर्तजा भुट्टो को मारा गया था। एक वीडियो लिंक में इमरान ने यह भविष्‍यवाणी की थी। इमरान ने कहा था कि जमान पार्क में ही उन्‍हें मारने के लिए एक ऑपरेशन चलाया जाएगा। इमरान ने उस समय पंजाब प्रांत के इंस्‍पेक्‍टर जनरल, इस्‍लामाबाद के आईजी और प्‍लान को पूरा करने वाले हैंडलर्स का नाम लिया था।

इमरान ने कही फेक एनकाउंटर की बात
इमरान ने दावा किया था कि जमान पार्क में एक फेक एनकाउंटर में उन्‍हें ढेर किए जाने की प्‍लानिंग हो चुकी है। आज जब जमान पार्क के बाहर इतनी भारी तादाद में पुलिस फोर्स मौजूद है तो लगता है कि इमरान का डर कहीं सच न साबित हो जाए। हालात भी कुछ इसी तरफ इशारा करते हैं। पाकिस्‍तान के अखबार एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून की मानें तो पीटीआई चीफ के घर तक जाने वाले सभी रास्‍ते बंद कर दिए गए हैं। जमान पार्क के बाहर पीटीआई समर्थकों के सारे कैंप्‍स भी हटा दिए गए हैं। सड़क बंद होने की वजह से नागरिकों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो पंजाब सरकार की मंजूरी के बाद आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

कौन थे मुर्तजा भुट्टो
20 सितंबर 1996 को पाकिस्‍तान में मुर्तजा भुट्टो के एनकाउंटर ने दुनिया को स्‍तब्‍ध कर दिया था। मुर्तजा, जुल्फिकार अली भुट्टो के बेटे और देश की पहली महिला पीएम रहीं बेनजीर के भाई थे। ऐसा कहा गया था कि मुर्तजा राजनीति में सक्रिय होने के अलावा अल-जुल्फिकार संगगठन के नेता था। इस संगठन की स्‍थापना सन् 1979 में तब की गई थी जब मुर्तजा के पिता को सत्‍ता से बेदखल कर दिया गया था। इसे पाकिस्‍तान की सरकार एक लेफ्ट विंग वाला आतंकी संगठन करार देती थी। वह अपनी बहन बेनजीर और जीजा आसिफ अली जरदारी के आलोचक थे। कराची में जिस समय मुर्तजा का एनकाउंटर हुआ था, बहन बेनजीर ही पीएम थीं। जिस समय पिता जुल्फिकार को फांसी दी गई मुर्तजा लंदन में रह रहे थे। मुर्तजा का एनकाउंटर कराची के क्लिफ्टन में हुआ था।

घर के करीब हुआ एनकाउंटर
मुर्तजा ने सन् 1981 में एक राजनेता जहूर इलाही चौधरी की हत्‍या और पाकिस्‍तान इंटरनेशनल की कराची से टेकऑफ करने वाले प्‍लेन के हाइजैकिंग की जिम्‍मेदारी ली थी। इस हाइजैकिंग में एक बंधक की मौत हो गई थी। मुर्तजा जिस समय अफगानिस्‍तान में रह रहे थे उन्‍हें मौत की सजा सुनाई गई थी। लेकिन सन् 1993 में वह पाकिस्‍तान वापस लौट आए। इस दौरान बहन बेनजीर के आदेश में उन्‍हें आतंकवाद के आरोप में अरेस्‍ट कर लिया गया। वह जमानत पर बाहर आए और चुनाव भी लड़ा और जीता। बेनजीर और मुर्तजा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था। एक दिन अचानक कराची के उनके घर के पास हुए एनकाउंटर में उनके मारे जाने की खबर आई। मुर्तजा समर्थकों का कहना था कि बेनजीर के इशारों पर उन्‍हें मारा गया। मुर्तजा के साथ छह और लोगों को ढेर किया गया था।

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