19.5 C
London
Monday, April 27, 2026
Homeराज्यमणिपुर में फिर बिगड़े हालात… घरों को किया आग के हवाले, लगाया...

मणिपुर में फिर बिगड़े हालात… घरों को किया आग के हवाले, लगाया गया कर्फ्यू, 5 दिन के लिए इंटरनेट भी बंद

Published on

नई दिल्ली

मणिपुर में एक बार फिर जमीन पर हालात बिगड़ गए हैं। राजधानी इंफाल के न्यू लाम्बुलेन इलाके में लोगों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया है। स्थिति को देखते हुए सोमवार को सुबह 6 बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया और पांच दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

इंफाल में बिगड़े हालात, आगजनी
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह से ही राजधानी इंफाल में कई जगहों पर हिंसक घटनाओं की खबर थी। असल में न्यू चेकॉन इलाके के एक बाजार में मैतई और कुकी समुदाय के बीच मारपीट हो गई। वो मारपीट ही बाद में और ज्यादा हिंसक रूप ले गई और खाली घरों को आग के हवाले कर दिया गया। स्थिति को देखते हुए एक बार फिर सेना और अर्धसैनिक बल को जमीन पर तैनात कर दिया गया है।

पहले से था अंदेशा, इंटरनेट सस्पेंड
वैसे मणिपुर प्रशासन को पहले इस बात का अहसास था कि राज्य में एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण बन सकती है। इसी वजह से रविवार को ही पांच और दिनों के लिए इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया गया था। उस समय गृह मंत्रालय ने एक जारी बयान में कहा था कि इस बात का अंदेशा है कि कुछ आसामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए हेट स्पीच, हेट वीडियो को बढ़ावा दें जिससे कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा सके। अब सोमवार को वैसी ही स्थिति ब गई, हिंसा हुई, आगजनी हुई और कर्फ्यू भी फिर लगाना पड़ गया। अभी के लिए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मणिपुर में इस साल सबसे पहले हिंसा 3 मई को भड़की थी। तब तोरबंग इलाके में आगजनी हुई थी और जमकर बवाल काटा गया था। उसके बाद कई दिनों तक जमीन पर हालात बेकाबू रहे थे, राज्य सरकार को गोली मारने का आदेश भी जारी करना पड़ गया था। उस समय सेना को भी मदद के लिए बुला लिया गया था। उस हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

मणिपुर में हिंसा का क्या कारण?
अब इस बार की हिंसा को तभी ठीक तरह से समझा जा सकता है, जब मणिपुर के बैकग्राउंड को भी समझ लिया जाए। असल में मणिपुर में तीन समुदाय सक्रिय हैं- इसमें दो पहाड़ों पर बसे हैं तो एक घाटी में रहता है। मैतेई हिंदू समुदाय है और 53 फीसदी के करीब है जो घाटी में रहता है। वहीं दो और समुदाय हैं- नागा और कुकी, ये दोनों ही आदिवासी समाज से आते हैं और पहाड़ों में बसे हुए हैं। अब मणिपुर का एक कानून है, जो कहता है कि मैतेई समुदाय सिर्फ घाटी में रह सकते हैं और उन्हें पहाड़ी क्षेत्र में जमीन खरीदने का कोई अधिकार नहीं होगा। ये समुदाय चाहता जरूर है कि इसे अनुसूचित जाति का दर्जा मिले, लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है। हाल ही में हाई कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा था कि राज्य सरकार को मैतेई समुदाय की इस मांग पर विचार करना चाहिए। उसके बाद से राज्य की सियासत में तनाव है और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

 

Latest articles

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस का पैदल मार्च: भोपाल में निकाली रैली, जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज...

भोपाल के अन्ना नगर गार्बेज स्टेशन में भीषण आग: 25 टन कचरा और रिसाइक्लिंग सामग्री खाक

भोपाल। राजधानी के अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात लगी...

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भोपाल पुलिस सख्त: अप्रैल माह में वसूला 11 लाख से अधिक का जुर्माना

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के...

भोपाल में भीषण गर्मी का कहर: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी

भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने...

More like this

मुख्यमंत्री साय ने हज यात्रियों को सौंपे ‘फर्स्ट एड किट’, कहा- प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए करें दुआ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर के मेडिकल...

सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनुभव की अमूल्य धरोहर, युवा पीढ़ी इनसे सीखे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राल्सा) के संयुक्त...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को दी विदाई

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के स्टेट हैंगर पर उपराष्ट्रपति सी.पी....