‘बुलाने के बावजूद नहीं गए’, सऊदी-तुर्की के रुख से गदगद हुआ पाकिस्तान, भेजा ये पैगाम

नई दिल्ली,

कश्मीर के श्रीनगर में सोमवार से चल रही तीन दिवसीय जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक में 17 सदस्य देश हिस्सा ले रहे हैं. हालांकि, जी-20 के तीन सदस्य देश सऊदी, तुर्की और चीन के बैठक में शामिल ना होने को लेकर पाकिस्तान खुशी से फूला नहीं समा रहा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने बैठक में शामिल न होने को लेकर इन देशों का आभार जताया है. पीओके, बाग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिलावल ने यह भी कहा कि जिन देशों ने बैठक में भाग लिया, उनकी भागीदारी का स्तर भी निम्न था जो दिखाता है कि भारत अपने मकसद में नाकामयाब रहा.

बिलावल भुट्टो ने कहा, ‘मैं उन तमाम देशों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करते हुए, बुलावा मिलने के बावजूद, यह फैसला किया कि वो टूरिज्म की बैठक में नहीं जाएंगे. जब मैं एससीओ ((शंघाई सहयोग संगठन) की बैठके के लिए भारत गया था तब मैंने बस इतना ही कहा था कि जितनी उम्मीद रखी जा रही है कि इतने लोग आएंगे, उतने तो नहीं आएंगे.’

बिलावल ने आगे कहा, ‘आज मैं शुक्रिया कहना चाहता हूं बल्कि सुर्ख सलाम पेश करना चाह रहा हूं…सुर्ख सलाम हमारे चीनी बहन-भाइयों को, सुर्ख सलाम सऊदी अरब को, सुर्ख सलाम तुर्की को और सुर्ख सलाम उन तमाम देशों को जिन्होंने अपने कश्मीरी बहन-भाइयों के साथ एकजुटता दिखाते हुए मेजबान के दावत को इनकार कर दिया… जी-20 के बुलावे को इनकार कर दिया और वहां नहीं पहुंचे. एक चीज तो साबित हो गई है…आप दुनिया का एक अखबार उठाकर दिखा दें जहां उनका मकसद पूरा हुआ हो.’

बिलावल ने कश्मीर पर अपना पुराना प्रोपेगैंडा दोहराते हुए कहा, ‘भारत कश्मीर बैठक के जरिए यह दिखाना चाहता था कि कश्मीर में हालात सामान्य हो चुके हैं लेकिन दुनिया जानती है कि अगर आपके कॉन्फ्रेंस में बुलाए गए देश ही शामिल नहीं हो रहे हैं तो कुछ सामान्य नहीं रहा न. आप कहते हो हालात सामान्य है लेकिन इतने सारे फौजी को खड़ा करके आप कोई और पैगाम दे रहे हो. भारत का असल चेहरा दुनिया में बेनकाब होता जा रहा है.’

मोदी को लेकर क्या बोले बिलावल
बिलावल ने आरोप लगाया कि मोदी की सरकार भारत में मुसलमानों, इसाइयों सहित सभी अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करती है.बिलावल ने कहा, ‘जब हम कश्मीरियों के हक की बात करते हैं तब वो कहते हैं कि आप आतंकवादियों का साथ दे रहे हो. वो हमें कैसे आतंकवादी कह सकते हैं? हम तो खुद आतंकवाद का शिकार रहे हैं. भारत सरकार सभी मुसलमानों को आतंकवादी समझती है तो वो हमारा मसला नहीं है, उनका मसला है.’

2002 दंगों के संदर्भ में पीएम मोदी को लेकर दिए अपने एक विवादित बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा, ‘जब मैं कातिल को कातिल करार देता हूं..जब मैं कसाई को कसाई करार देता हूं, तो वो मुझे आतंकवादी करार देंगे और फिर रोना शुरू कर देंगे.’उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने उनके ऊपर इनाम घोषित कर दिया था. बिलावल ने सवाल किया कि ये काम राजनीतिक पार्टियों का कैसे कहा जा सकता है. बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा और उनके आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता रहेगा.

 

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