विपक्षी एकता में फूट! ममता- केजरीवाल की मुलाकात पर भड़के अधीर रंजन, बोले- ये कांग्रेस को खत्म करने पर तुले

कोलकाता,

नीतीश कुमार, शरद पवार समेत तमाम नेता 2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कवायत में लगे हैं. इसी बीच एकजुट विपक्ष के मिशन में एक बार फिर फूट पड़ती दिखाई दे रही है. कोलकाता में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात को लेकर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने दोनों नेताओं पर निशाना साधा है. अधीर रंजन ने कहा है कि आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को खत्म कर खुद फल फूलने का है.

दरअसल, दिल्ली पर केंद्र के अध्यादेश के मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल विपक्षी देशव्यापी समर्थन जुटाने की कोशिशों में लगे हैं. वे लगातार विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी. केजरीवाल इसी सिलसिले में आज मुंबई में शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे. हालांकि, कांग्रेस ने इस पूरे विवाद से किनारा कर लिया है.

अधीर रंजन ने ममता और केजरीवाल पर साधा निशाना
अब लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने केजरीवाल और ममता की मुलाकात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, भाजपा के खिलाफ ‘महाजोत’ के लिए कोलकाता में सभाएं आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है. ममता दीदी और केजरीवाल दोनों के आपस में घनिष्ठ संबंध हैं लेकिन अगर आप गौर करें तो दोनों पार्टियों का इरादा कांग्रेस को खत्म करके फलने-फूलने का है. इनका एकमात्र मकसद कांग्रेस को खत्म करना है. ये कभी भी भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ना चाहते.

उन्होंने कहा, मोदी और बीजेपी पार्टी का चुनाव चिन्ह भगवान श्री राम हैं, केजरीवाल का चुनाव चिन्ह भगवान श्री हनुमान हैं. एक तरफ राम भक्त बीजेपी और मोदी हैं तो दूसरी तरफ हनुमान भक्त केजरीवाल. वे बीजेपी से हिंदुत्व का तख्ता छीनने की कोशिश कर रहे हैं.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, एक तरफ दीदी हैं, जो दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए 50 हजार रुपये देती हैं. वे भी हिंदुत्व की इस प्रतियोगिता में शामिल हैं. सभी यह साबित करने में जुटे हैं कि कौन सबसे बड़ा हिंदू है. इसलिए इन दोनों दलों, आप और टीएमसी का उद्देश्य बीजेपी के साथ ब्लो हॉट-ब्लो कोल्ड रिलेशन रखकर कांग्रेस को हटाना है. उन्होंने कांग्रेस की कुछ बहुत अच्छी सीटों में सेंध लगाई. दीदी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान भाजपा के खिलाफ एक भी बात नहीं बोली. अब भारत के लोग मोदी से मायूस हो चुके हैं. अब जब लोग मोदी के खिलाफ हो गए हैं, तो ये दल प्रासंगिक होने की कोशिश कर रहे हैं.

केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष का समर्थन जुटा रहे केजरीवाल
दरअसल, दिल्ली में केजरीवाल सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला दिया था. इसमें निर्वाचित सरकार को अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ‘राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण’ बनाने का अध्यादेश लेकर आई है. इस अध्यादेश को कानूनी अमलाजामा पहनाने के लिए छह महीने में संसद से पास कराना जरूरी है. हालांकि, छह महीने के भीतर संसद से पास नहीं होता है तो ये अध्यादेश स्वत: समाप्त हो जाएगा.ऐसे में केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने देशव्यापी समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है.

ममता ने किया केजरीवाल का समर्थन
मंगलवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे. उनके साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और मंत्री आतिशी सिंह भी थीं. AAP नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस दौरान ममता ने खुलकर दिल्ली सरकार को समर्थन दिया है और कहा, वो राज्यसभा में इस अध्यादेश का विरोध करेंगी. ममता ने कहा था, हमें डर है कि केंद्र सरकार संविधान बदल सकती है, वे देश का नाम बदल सकते हैं.

ममता का कहना था कि हम SC का सम्मान करते हैं और केवल SC ही इस देश को बचा सकता है. SC के फैसले के बावजूद केंद्र अध्यादेश लाया. मैं सभी पार्टियों से अपील करना चाहती हूं कि लोकसभा से पहले बीजेपी को हराने के लिए साथ आएं. यह एक बड़ा अवसर है. हमारी पार्टी राज्यसभा में इसका विरोध करेगी.

केजरीवाल ने ममता को बताया बड़ी बहन
अरविंद केजरीवाल ने कहा था, मेरी सरकार बनते ही केंद्र ने हमारी सारी ताकत छीन ली. हमने 8 साल तक लड़ाई लड़ी और आखिरकार हम SC में जीत गए, लेकिन अब वे अब अध्यादेश ले आए हैं. उन्होंने लोकतंत्र को मजाक बना दिया है. जहां भी उनकी (बीजेपी) सरकार नहीं है, वे विधायक खरीदते हैं या सरकार को डराने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं या वे सरकार को परेशान करने के लिए राज्यपाल के कार्यालय का उपयोग करते हैं. अगर हम उन्हें राज्यसभा में हरा सकते हैं तो यह लोकसभा से पहले सेमीफाइनल होगा.

विपक्ष को एकजुट करने में जुटे नीतीश कुमार
नीतीश कुमार 2024 से पहले बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के मिशन में लगे हुए हैं. नीतीश ने पिछले महीने दिल्ली में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी. इसके बाद वे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी मिलने पहुंचे थे. नीतीश अलग अलग राज्यों में जाकर क्षेत्रीय क्षत्रपों से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी. उन्होंने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और एनसीपी चीफ शरद पवार के साथ भी बैठक की थी.

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