JDU के केसी त्यागी ने बताया भाजपा को किस प्लान से रोकेंगे विपक्षी दल, जानिए 48 साल से क्यों हैं नीतीश के साथ

नई दिल्ली

जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी ने दो महीने बाद पार्टी में वापसी की है। जदयू ने पहले उन्हें राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता के पद से हटा दिया था। अब पार्टी उन्हें अपने विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता के रूप में यह कहते हुए वापस लायी कि वह उनके “संगठनात्मक अनुभव” का लाभ उठाना चाहती है। द इंडियन एक्सप्रेस ने केसी त्यागी से विभिन्न मुद्दों पर बात की है:

भाजपा को रोकने का क्या है प्लान?
केसी त्यागी के इंटरव्यू से पता चलता है कि भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों के पास पुराने और आजमाए हुए तरीके हैं। वह कहते हैं, “हम 1974 के बिहार आंदोलन (जेपी आंदोलन) के मॉडल को दोहराना चाहते हैं। जिस तरह 1977 की जनता पार्टी बनाने के लिए कई दल एक साथ आए थे, हम वैसे साथ आना चाहते हैं।

हम यह भी चाहते हैं कि वीपी सिंह ने 1989 के लोकसभा चुनावों से पहले जो कोशिश की और सफल भी हुए, उस पर हमारी एकता बनी रहे। हमने अब तक ऐसे 475 सीटों की पहचान की है जहां बीजेपी के साथ (2024 के लोकसभा चुनाव में) मुकाबला हो सकता है। हम चाहते हैं कि हमारे गठबंधन सहयोगी भाजपा से वहीं लड़ें, जहां वे मजबूत हैं। अगर हम ऐसा करने में सफल हो जाते हैं तो हम बीजेपी की संख्या घटा सकते हैं और अपनी संख्या बढ़ा सकते हैं।

कांग्रेस छोटे दलों को साथ लाने के लिए अपनी जमीन छोड़ेगी?
इस सवाल पर केसी त्यागी ने कहा कि बेशक, कांग्रेस ऐसा करेगी क्योंकि राजद, जद (यू), राकांपा, झामुमो, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और सपा जैसे सभी दल भी छोटे सहयोगियों के लिए अपनी जमीन छोड़ेंगे। हम अपने-अपने क्षेत्र की ताकत। हम क्षेत्र और राज्यवार मजबूती से रणनीति बना रहे हैं। हम ममता बनर्जी जैसे नेताओं द्वारा दिखाई गई एकजुटता से उत्साहित हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर हम अब एकजुट नहीं हुए तो जनता हमें माफ नहीं करेगी।

तो, विपक्ष का अगला बड़ा कदम क्या है?
हम राहुल गांधी और अन्य शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में जून के दूसरे या तीसरे सप्ताह में पटना में विपक्षी दलों की एक बड़ी बैठक की योजना बना रहे हैं। नीतीश कुमार के अब सभी शीर्ष विपक्षी नेताओं से मिलने के बाद, हम इसे व्यावहारिक निष्कर्ष पर ले जाने को तैयार हैं। अब तक, सब सही चल रहा है।

नीतीश कुमार से 48 साल का रिश्ता
जनता दल यूनाइटेड को एक अलग तरह की सोशलिस्ट पार्टी पार्टी बताते हुए केसी त्यागी ने कहते हैं, “नीतीश कुमार और मेरा 48 साल का रिश्ता है। इन वर्षों में मैं उनके साथ था और एक अलग तरह की समाजवादी पार्टी में भी। हम कभी भी एक दूसरे के प्रति उदासीन नहीं रहे।

‘नीतीश ने जला रखी है समाजवाद की लौ’
अपने साक्षात्कार में त्यागी नीतीश कुमार की तुलना लोहिया और कर्पूरी ठाकुर से करते हुए कहते हैं, “मेरा मानना है कि नीतीश उन कुछ नेताओं में से एक हैं जिन्होंने समाजवादी लौ को जला रखी है। उन्होंने राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नांडीस जैसे नेताओं द्वारा दिखाए गए एग्रेसन को बरकरार रखा है।

वह आगे कहते हैं “उनके (नीतीश कुमार) साथ मेरी दोस्ती एक नेता (आरसीपी सिंह) की तरह मुझे राज्यसभा का नामांकन मिलने या न मिलने पर निर्भर नहीं करती है, जिसने सिर्फ इसलिए पार्टी छोड़ दी क्योंकि वह राज्यसभा के लिए फिर से मनोनीत नहीं हुए। मैं सीजनल पॉलिटिशियन नहीं हूं। चंद्रशेखर के सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनने के प्रस्ताव को न कहने का मुझमें साहस था क्योंकि मैं वीपी सिंह को समर्थन करने का वादा कर चुका था। भाजपा के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन ने मुझे 2004 में मेरठ से भाजपा से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि मैं हमेशा समाजवादी बने रहना चाहता था।”

महाजन के साथ हेलीकॉप्टर यात्रा
साल 2020 में द वायर को दिए एक इंटरव्यू में केसी त्यागी ने प्रमोद महाजन के साथ अपनी एक हेलीकॉप्टर यात्रा का किस्सा बताया था। त्यागी ने किस्से को नीतीश कुमार के विकास से जोड़ते हुए कहा था, “एक बार, मैं चुनाव के दौरान प्रमोद महाजन जी के साथ यात्रा कर रहा था। तभी हमारा हेलीकॉप्टर अचानक बिजली के तार से टकरा गया और हम डर गए कि कहीं हम मर न जाएं। पायलट ने हमें चिंता न करने के लिए कहा क्योंकि वहां बिजली नहीं थी। आज बिहार में 100% घरेलू विद्युतीकरण हो गया है। शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में बहुत काम किया गया है। हालांकि, इसमें कोई संदेह नहीं है कि अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।”

 

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