8.2 C
London
Friday, April 24, 2026
Homeभोपालविवादों से नाता, क्रिमिनल रेकॉर्ड, बीजेपी को खुली चेतावनी, फिर प्रीतम लोधी...

विवादों से नाता, क्रिमिनल रेकॉर्ड, बीजेपी को खुली चेतावनी, फिर प्रीतम लोधी की पार्टी में वापसी के लिए क्यों एक हुए शिवराज और सिंधिया

Published on

शिवपुरी

पिछले साल 17 अगस्त की बात है। शिवपुरी जिले के पिछोर में एक कार्यक्रम में प्रीतम सिंह लोधी ने ब्राह्मणों के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद पूरे एमपी में ब्राह्मणों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। घबराई बीजेपी ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था, लेकिन यह फैसला आठ महीने भी नहीं टिक सका। इस साल मार्च में उनकी बीजेपी में वापसी हो गई। प्रीतम लोधी दो बार विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। उनके खिलाफ तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद वे खुलेआम बीजेपी को सबक सिखाने की चेतावनी दे रहे थे। फिर क्या कारण था कि पार्टी में उनकी वापसी कराई गई। और तो और, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उन्हें मनाने की कोशिशों में लगे थे। इसका कारण है राज्य में इस साल के अंत में होने वाला विधानसभा चुनाव जिसके लिए बीजेपी जातिगत समीकरणों को साधने में लगी है।

उमा भारती के करीबी
प्रीतम लोधी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बेहद करीब हैं। उमा उन्हें अपना मुंहबोला भाई मानती हैं। उमा भारती की तरह प्रीतम भी लोध समुदाय से आते हैं। उमा पहले ही बीजेपी नेतृत्व से नाराज चल रही हैं। वे सीएम शिवराज के खिलाफ भी खुलकर बयान देती रहती हैं। कुछ महीने पहले एक कार्यक्रम में उन्होंने लोध मतदाताओं से बीजेपी को वोट नहीं देने की अपील तक कर दी थी। इसके बाद से बीजेपी नेतृत्व को लोध वोटों की चिंता सताने लगी थी। इसके बाद से ही प्रीतम लोधी को पार्टी में वापस लाने की मुहिम जोर पकड़ने लगी थी।

50 विधानसभा सीटों पर असर
एमपी में लोध समुदाय के करीब पांच फीसदी वोट ही हैं, लेकिन राज्य की करीब 50 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। प्रदेश की करीब एक दर्जन लोकसभा क्षेत्रों में भी लोध मतदाताओं की अच्छी खासी तादाद है। नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, शिवपुरी और सागर जिलों में लोध समुदाय का सियासी प्रभाव ज्यादा है। ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में वे किसी भी पार्टी का सियासी गणित बिगाड़ने का माद्दा रखते हैं। केवल एमपी ही नहीं, इसकी सीमा से लगे राजस्थान और उत्तर प्रदेश की करीब दो दर्जन सीटों पर भी वे चुनाव के नतीजे प्रभावित कर सकते हैं।

1976 में पहला आपराधिक मामला
प्रीतम लोधी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में तीन दर्जन से ज्यादा आपराधि मामले दर्ज हैं। पहला मामला साल 1976 में बलवा और मारपीट करने की धाराओं में दर्ज किया गया था। हत्या और हत्या के प्रयास के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी उनके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। उन्हें जिलाबदर भी किया जा चुका है। 2003 से पहले तक प्रीतम लोधी की राजनीति में सक्रियता नहीं के बराबर थी। 2003 में उमा के सीएम बनते ही उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से चढ़ने लगा। 2014 में गैंगस्टर हरेंद्र राणा को संरक्षण देने के आरोप में उन्हें ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

दो बार चुनाव हारे
प्रीतम लोधी पिछोर में कांग्रेस के के पी सिंह के खिलाफ दो बार बीजेपी के टिकट विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें दोनों बार हार का सामना करना पड़ा। के पी सिंह पिछले 30 साल से पिछोर से विधायक चुने जाते रहे हैं। पिछले साल स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान प्रीतम की पत्नी ग्वालियर के वार्ड नंबर 63 से पार्षद पद की उम्मीदवार थीं। उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा था।

Latest articles

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को किया सम्मानित, आपातकाल के संघर्षों को किया याद

बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रवास...

ओसियां को 416 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की खेल स्टेडियम की घोषणा, बोले- उन्नत तकनीक से समृद्ध बनें किसान

ओसियां (जोधपुर)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओसियां उपखण्ड मुख्यालय के दौरे के...

जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का शंखनाद: दिल्ली इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की कृषि विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के...

More like this

एम्स भोपाल की ऐतिहासिक उपलब्धि: अलग ब्लड ग्रुप के बीच सफल किडनी ट्रांसप्लांट, पिता ने बेटे को दी नई जिंदगी

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल...

दादाजी धाम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब: माँ गंगा की आराधना संपन्न, आज मनाया जाएगा माँ पीतांबरा प्रकटोत्सव

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में...

नायब तहसीलदार की प्रताड़ना से तंग आकर पटवारी ने दी जान

रतलाम। मप्र के रतलाम जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ खजूरी...