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‘क्या बीजेपी में सनातनी होने का एक भी गुण है?’, सनातन विवाद पर कपिल सिब्बल ने पूछा

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नई दिल्ली,

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर जो बयान दिया, उसने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा दिया है. बीजेपी लगातार कांग्रेस और I.N.D.I.A. गठबंधन पर हमलावर है. इस विवाद पर अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया सामने आई है.

कपिल सिब्बल ने पूछा कि क्या बीजेपी सनातन धर्म की समर्थक या संरक्षक है? क्या उसमें सनातनी होने का एक भी गुण है? सिब्बल ने कहा, “सनातन धर्म’ के गुण हैं ईमानदारी, जीवित प्राणियों को चोट न पहुंचाना, पवित्रता, दान, धैर्य… क्या उनमें इनमें से एक भी गुण है? क्या वे कभी ‘सनातनी’ हो सकते हैं? क्या वे कभी ‘सनातन धर्म’ की रक्षा कर सकते हैं, जबकि उनकी सभी गतिविधियां ‘सनातनी’ गुणों से असंबंधित हैं?… क्या यह ‘सनातनी’ है किसी ऐसे व्यक्ति को बचाना जिस पर महिला पहलवानों से छेड़छाड़ का आरोप है? क्या मणिपुर में जो कुछ हो रहा था उस पर चुप रहना ‘सनातनी’ है?”

सिब्बल ने राम मंदिर को लेकर भी बीजेपी को घेरा. उन्होंने पूछा, “क्या आप राम मंदिर बनाकर राम भक्त बन सकते हैं? राम मंदिर बनाना क्या राजनीति राम भक्त बनना है, पवित्रता है… मैं उन्हें चुनौती देता हूं, इस देश के लोगों को बताएं कि आपके पास ‘सनातनी’ का कौन सा गुण है?”

सनातन को लेकर विपक्षी गठबंधन को घेर रही बीजेपी
बता दें कि सनातन विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंत्रियों से कहा कि उदयनिधि के बयान का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाए. पीएम मोदी ने एक रैली को दौरान कहा कि कुछ दल समाज को विभाजित करने में लगे हैं. भारत की संस्कृति पर हमला करना उनका मकसद है.

सनातन धर्म सामाजिक न्याय के खिलाफ: उदयनिधि
हाल ही में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इसे खत्म किया जाना चाहिए. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए कहा कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं किया जाना चाहिए बल्कि उन्हें नष्ट कर दिया जाना चाहिए.

ए राजा ने सनातन पर क्या कहा था?
डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि सनातन पर उदयनिधि का रुख नरम था. उन्होंने कहा, “सनातन धर्म की तुलना सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए. जबकि उदयनिधि ने सनातन की तुलना मलेरिया से की है.” डीएमके नेता ने आगे कहा, सनातन की तुलना एचआईवी और कुष्ठ रोग जैसे सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए

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