असेंबली चुनाव से पहले सत्तारूढ़ MNF का दांव, HPC (R) के साथ मिलाया हाथ, जानिए समझौते का पूरा मसौदा

नई दिल्ली

मिजोरम में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और एचपीसी पार्टी के एक धड़े हमार पीपुल्स कन्वेंशन (रिफॉर्मेशन) ने गठबंधन कर लिया है। राज्य में सात नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को हुआ ये घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। इस कदम से साफ है कि मिजो नेशनल फ्रंट किसी भी कीमत पर सरकार में वापसी को आमादा है। दोनों दलों का समझौता केवल विधानसभा चुनाव तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें कहा गया है कि दोनों दल अगले साल होने वाले स्थानीय चुनाव भी गठबंधन में लड़ेंगे।

गठबंधन के लिए एक समझौते पर एमएनएफ महासचिव ललमुअनथांगा फनाई और एचपीसी (आर) महासचिव एच.टी. वुंगा ने हस्ताक्षर किए। समझौते के अनुसार दोनों दल आगामी विधानसभा चुनावों में मिलकर काम करेंगे। एचपीसी (आर) सत्तारूढ दल को अपना पूरा समर्थन देगी। यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि हमार समुदाय के प्रभुत्व वाले तीन निर्वाचन क्षेत्रों – तुइवावल, चलफिल्ह और सेरलुई में एमएनएफ उम्मीदवार जीत सकें।

दोनों दलों ने कहा कि अगर एमएनएफ सत्ता बरकरार रखती है तो तत्कालीन मिजोरम सरकार और पूर्ववर्ती भूमिगत संगठन हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) के बीच 2018 के समझौते को लागू करने के लिए कदम उठाएगी। सरकार बनाने के बाद एमएनएफ उग्रवाद के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और एचपीसी (डी) के पूर्व सदस्यों को नौकरियों सहित पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी लाभ प्रदान करेगी। सरकार सिनलुंग पर्वतीय परिषद को विकसित करने के लिए एक विशेष पैकेज भी प्रदान करेगी।

गौरतलब है कि मिजोरम कई वर्षों के उग्रवाद के बाद 1987 में अलग राज्य बना था। उसके बाद से सूबे में या तो एमएनएफ की सरकार रही है या कांग्रेस की। मुख्यमंत्री जोरमथांगा की अगुवाई वाला सत्तारूढ़ एमएनएफ 2023 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है। इसी वजह से उनके दल ने चुनाव से पहले ही समझौता करके जीत को सुनिश्चित बनाने की जुगत भिड़ाई है।

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