10.4 C
London
Monday, January 12, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयइस छोटे से देश ने कैसे मनवाई अपनी बात? सैनिकों की वापसी...

इस छोटे से देश ने कैसे मनवाई अपनी बात? सैनिकों की वापसी को लेकर भारत ने उठाया ये कदम

Published on

नई दिल्ली,

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू जब से राष्ट्रपति बने हैं. भारत के साथ मालदीव के संबंधों में तनाव देखने को मिला है. इस तनाव की वजह है कि मुइज्जू कई मौकों पर कह चुके हैं कि भारत को अपने सैनिकों को मालदीव से वापस बुला लेना चाहिए. इस बीच भारत ने मालदीव से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की सहमति जता दी है.

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने माले में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत के साथ हमारा जो संवाद हुआ है. उसके तहत भारत सरकार ने अपने सैनिकों को मालदीव से वापस बुलाने पर सहमति जता दी है. हमने विकास संबंधी परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन पर सहमति जताई है.

मुइज्जू को मालदीव में मौजूद 75 भारतीय सैनिकों से क्या है दिक्कत?
मोहम्मद मुइज्जू जब से मालदीव के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं, तब से भारत के साथ इस द्वीपीय देश के रिश्तों में तनाव आया है. मुइज्जू कई मौकों पर भारत विरोधी बयान दे चुके हैं. वह चीन समर्थक माने जाते हैं. उनका स्टैंड रहा है कि भारत को अपने सैनिकों को मालदीव से वापस बुला लेना चाहिए और शपथ ग्रहण के तुरंत बात उन्होंने फिर इस बात को दोहराया.

उनका कहना है कि मालदीव एक संप्रभु राष्ट्र है और यहां किसी दूसरे देश की सैन्य उपस्थिति सवीकार्य नहीं होनी चाहिए. वह अपने देश में भारतीय सैनिकों की उपस्थिति को मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन मानते हैं. मोहम्मद मुइज्जू का इलेक्शन कैम्पेन भी ‘इंडिया आउट’ के मुद्दे पर आधारित था. उन्हें 53% वोट मिले थे. जबकि, पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को 46% वोट हासिल हुए थे. सोलिह को भारत समर्थक माना जाता है.

मालदीव में रहते हैं करीब 25000 भारतीय
भारत और मालदीव जातीय, भाषाई, सांस्कृतिक, धार्मिक और वाणिज्यिक संबंध साझा करते हैं. भारत 1965 में मालदीव की आजादी के बाद उसे मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था और बाद में 1972 में माले में अपना मिशन स्थापित किया. इसके अलावा मालदीव में करीब 25,000 भारतीय नागरिक रहते हैं. यहां दुनियाभर से हर साल आने वाले पर्यटकों में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग 6% है. शिक्षा, चिकित्सा, मनोरंजन और व्यवसाय के लिहाज से भी भारत मालदीव के लोगों के लिए एक पसंदीदा स्थान है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, मालदीव के लोग हायर एजुकेशन और मेडिकल जरूरतों के लिए भारत आते हैं.

Latest articles

भेल में एससी—एसटी उद्यमिता को बढ़ावा देने वेंडर डेवलपमेंट सेशन आयोजित

भेल भोपाल।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड , भोपाल द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी—एसटी)...

भोजपुर महादेव मंदिर में शिव पूजन एवं ओंकार जाप

भोजपुर ।रायसेन जिले के ऐतिहासिक एवं विश्वविख्यात भोजपुर महादेव मंदिर में भगवान शिव का...

गुड़ी पड़वा एवं धनक जयंती चल समारोह के रूप में मनाने का निर्णय

भोपाल।धानुक समाज विकास संघ भारत, भोपाल द्वारा हनुमान मंदिर, करोंद में नव वर्ष एवं...

मकर संक्रांति से पूर्व दादाजी धाम मंदिर में भक्तों ने किया सामूहिक श्रमदान

भोपाल।मकर संक्रांति पर्व के पावन अवसर से पूर्व रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय...

More like this

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...

हांगकांग में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें जलकर खाक, 44 लोगों की मौत

हांगकांग।हांगकांग के ताइ पो जिले में एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग...