दिल्ली में धारा 144, हरियाणा-पंजाब में बॉर्डर सील, किसानों के रास्ते में कील-कांटे बिछाना यही अमृतकाल है : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली

दिल्ली में किसानों के विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली, पंजाब-हरियाणा से लेकर यूपी तक इसका असर देखने को मिल रहा है। किसानों के ‘दिल्ली चलो’ आह्वान पर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने किसानों का खुलकर समर्थन किया है। वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सीमाओं पर की जा रही तैयारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़कों पर बिछाई गई कीलें और कई बैरिकेडिंग पर कहा कि कीलें बिछाना यही अमृतकाल है या अन्याय काल। दूसरी तरफ पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि कांग्रेस को सिर्फ चुनाव के समय ही गांव, गरीब और किसान याद आते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव डालने के लिए 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान यूनियनों के समर्थन से ‘दिल्ली चलो’ मार्च की घोषणा की है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने किसानों की पीठ थपथपाई
पंजाब के किसान दिल्ली के आसपास के हाईवे को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। 13 जनवरी को किसान दिल्ली की सीमा पर पहुंचने वाले हैं। दूसरी तरफ पंजाब पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किसानों को बधाई दी है कि उन्होंने केंद्र सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जिसे बाद में केंद्र सरकार को वापस लेना पड़ा। पंजाब के समराला लुधियाना में एक सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एक तय तरीके से किसानों को खत्म करने की साजिश रची जा रही थी। लेकिन आप लोगों के आंदोलन ने किसानी को बचा लिया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में आजादी के बाद पहली बार, हर किसान पर 25,000 रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से टैक्स लगाया गया। उन्होंने आगे कहा कि ‘पीएम फसल बीमा योजना’ को निजी इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा योजना बनाया गया। उन्होंने मंच से कहा कि 2016 से 2022 के बीच बीमा कंपनियों ने 40,000 करोड़ रुपए कमाए।

कांग्रेस को चुनाव के समय याद आते हैं किसान-गरीब : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार आदिवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, जबकि विपक्ष को सिर्फ चुनाव के समय ही गांव, गरीब और किसान याद आते हैं। प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में आदिवासी समुदाय के लोगों की एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तो लोगों को लूटने का काम करती है और जब सत्ता से बाहर होती है तो लोगों को लड़वाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि लूट और फूट कांग्रेस का ऑक्सीजन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल चुनाव के समय ही गांव, गरीब और किसान याद आते हैं।

अंबाला में पंजाब-हरियाणा बॉर्ड सील
किसानों के 13 फरवरी को प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ अभियान से पहले हरियाणा के अधिकारियों ने अंबाला के पास शंभू में पंजाब के साथ लगती सीमा को सील कर दिया है। दिल्ली कूच की मुहिम को रोकने के लिए जींद और फतेहाबाद जिलों की सीमाओं पर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शांति भंग होने की आशंका के चलते हरियाणा सरकार ने सात जिलों- अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में 11 से 13 फरवरी तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और एक साथ कई एसएमएस करने की सेवा को निलंबित कर दिया है। किसानों को राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने से रोकने की हरियाणा के अधिकारियों की कोशिशों के बीच केंद्र ने उन्हें 12 फरवरी को उनकी मांगों पर चर्चा के लिए एक और बैठक आयोजित करने के वास्ते आमंत्रित किया है।

किसानों के रास्ते में कील-कांटे बिछाना अमृतकाल है?
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसानों के प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले राष्ट्रीय राजधानी की सीमा के पास कुछ स्थानों पर अवरोधक और सड़कों पर कीलें लगाने की खबरों को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़कों पर बिछाई गई कीलें और कई अवरोधक लगे होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। प्रियंका ने सवाल कि किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। वाड्रा ने कहा कि किसानों के रास्ते में कील-कांटे बिछाना अमृतकाल है या अन्यायकाल? इसी असंवेदनशील एवं किसान विरोधी रवैये ने 750 किसानों की जान ली थी। किसानों के खिलाफ काम करना, फिर उनको आवाज भी न उठाने देना – कैसी सरकार का लक्षण है?

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