9.4 C
London
Friday, April 24, 2026
Homeभोपालकूनो जंगल में मादा चीता वीरा का नहीं लग रहा मन, फिर...

कूनो जंगल में मादा चीता वीरा का नहीं लग रहा मन, फिर भागी और गांवों में कर रही बकरी का शिकार

Published on

श्योपुर:

कूनो नेशनल पार्क में दो चीते को मन नहीं लग रहा है। नर चीता पवन और मादा चीता वीरा बार-बार जंगल की सीमा लांघकर बाहर निकल जा रही है। कूनो की सीमा से इनके बाहर निकलने के बाद वन विभाग के पसीने छूट जा रहे हैं। वीरा को कुछ दिन पहले रेस्क्यू कर कूनो जंगल में लाया गया था। अभी एक महीने भी नहीं बीते हैं कि वह जंगल से फिर भाग गई है। वीरा कूनो जंगल से भागकर मुरैना जिले में पहुंच गई है। साथ ही उसने एक बकरी का शिकार किया है।

कूनो में नहीं लग रहा मन
जंगल से बार-बार मादा चीता के बाहर निकलने पर एक्सपर्ट का मानना है कि यहां जगह कम पड़ रही है। शायद यही वजह है कि कूनो से चीता लगातार भाग रहे हैं। शायद शिकार भी इसके पीछे एक वजह हो सकती है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए चीतल हैं। पार्क के अंदर वह चीतल का ही शिकार करते हैं।

बकरी का शिकार करती है वीरा
वहीं, कूनो जंगल से बाहर निकलने के बाद चीता वीरा गांवों में बकरी का शिकार करती है। पिछली बार भी वह जंगल से 15 दिन से अधिक वक्त तक बाहर रही थी। बाहर रहने के दौरान वीरा ने पांच से छह बकरियों का शिकार किया था। इसके बदले में बकरी पालकों को वन विभाग ने मुआवजा दिया था। इस बार जंगल से निकलकर मादा चीता वीरा ग्वालियर जिले के भंवरपुरा में पहुंच गई। वहां पर उसने एक बकरी का शिकार किया है।

गावों में दहशत
भंवरपुरा में एक पेड़ के नीचे शिकार के साथ मादा चीता वीरा को देखा गया है। वह पेड़ के नीचे बैठकर सुस्ता रही थी। इलाके में चीते की मौजूदगी की वजह से आसपास के गांवों में दहशत है। वहीं, वन विभाग की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। भंवपुरा मुरैना जिले की सीमा से करीब ढाई-तीन किलोमीटर दूर है। साथ ही कोशिश है कि उसे इस बार बिना रेस्क्यू किए जंगल में वापस ले जाएं।

नदी की वजह से पसंद आ रही लोकेशन
बताया जा रहा है कि जहां माता चीता वीरा का लोकेशन मिला है, वहं से कुछ ही दूरी पर आसन नदी बहती है। नदी की वजह से ही वीरा को वह लोकेशन पसंद आ रही है। वन विभाग की एक टीम लगातार उसके पीछे पड़ी है।

Latest articles

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को किया सम्मानित, आपातकाल के संघर्षों को किया याद

बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रवास...

ओसियां को 416 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की खेल स्टेडियम की घोषणा, बोले- उन्नत तकनीक से समृद्ध बनें किसान

ओसियां (जोधपुर)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओसियां उपखण्ड मुख्यालय के दौरे के...

जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का शंखनाद: दिल्ली इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की कृषि विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के...

More like this

एम्स भोपाल की ऐतिहासिक उपलब्धि: अलग ब्लड ग्रुप के बीच सफल किडनी ट्रांसप्लांट, पिता ने बेटे को दी नई जिंदगी

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल...

दादाजी धाम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब: माँ गंगा की आराधना संपन्न, आज मनाया जाएगा माँ पीतांबरा प्रकटोत्सव

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में...

नायब तहसीलदार की प्रताड़ना से तंग आकर पटवारी ने दी जान

रतलाम। मप्र के रतलाम जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ खजूरी...