‘NDA सरकार गलती से बनी, कभी भी गिर सकती है’, बोले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली,

केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार बन गई है. हालांकि इस बार बीजेपी को बहुमत नहीं मिल सका, जिसके चलते नरेंद्र मोदी ने एनडीए गठबंधन के दलों के सहयोग से प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इस गठबंधन सरकार को लेकर विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है. विपक्ष का दावा कर रहा है कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी. इस कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

बेंगलुरु में एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एनडीए सरकार गलती से बनी हुई है. मोदीजी को एक तो मैंडेट (बहुमत) नहीं है और माइनॉरिटी गवर्नमेंट है.. ये गवर्नमेंट कभी भी गिर सकती है. हम तो ये कहेंगे अच्छा चलने दो, देश के लिए अच्छा होने दो. देश बनाने के लिए हम सब लोगों को मिलकर काम करना चाहिए. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की आदत ये है कि जो चीज ठीक से चलती है, उसको चलने नहीं देते, लेकिन हमारी तरफ से हम देश को मजबूत करने के लिए सहयोग करेंगे.

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी 543 सीटों में से महज 240 सीटों पर ही सिमटकर रह गई और एनडीए गठबंधन ने अनुमान से उलट प्रदर्शन करते हुए महज 292 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के INDIA गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 234 सीटें अपने नाम की हैं. नरेंद्र मोदी समेत अन्य मंत्रियों ने शपथ लेकर अपना-अपना कार्यभार भी संभाल लिया है. लेकिन विपक्ष लगातार मोदी सरकार 3.0 को निशाना बना रहा है.

NEET पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “मोदी सरकार ने शिक्षा मंत्री व NTA के द्वारा NEET घोटाले की लीपापोती चालू कर दी है. अगर NEET में पेपर लीक नहीं हुआ तो बिहार में 13 आरोपियों को पेपर लीक के चलते गिरफ़्तार क्यों किया गया? क्या रैकेट में शामिल शिक्षा माफिया व संगठित गिरोह को पेपर के बदले ₹30-₹50 लाख तक के भुगतान का पटना पुलिस की Economic Offences Unit (EOU) ने पर्दाफ़ाश नहीं किया? गुजरात के गोधरा में NEET-UG में धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ नहीं हुआ है? जिसमें कोचिंग सेंटर चलाने वाले एक व्यक्ति, एक शिक्षक और एक अन्य व्यक्ति समेत 3 लोग शामिल हैं और गुजरात पुलिस के अनुसार आरोपियों के बीच 12 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन सामने आया है?”

उन्होंने आगे कहा, “अगर मोदी सरकार के मुताबिक़ NEET में कोई पेपर लीक नहीं हुआ तो ये गिरफ़्तारियाँ क्यों हुई? इससे क्या निष्कर्ष निकला? क्या मोदी सरकार देश की जनता की आँखों में पहले धूल झोंक रही थी या अब? मोदी सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटने का काम किया है. NEET में 24 लाख युवा डॉक्टर बनने के लिए परीक्षा देते हैं, जिसमें वो 1 लाख मेडिकल सीटों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. इन 1 लाख सीटों में से क़रीब 55,000 सरकारी कॉलेजों की सीट है जहॉं SC, ST, OBC, EWS वर्गों की सीट आरक्षित हैं. इस बार मोदी सरकार ने NTA का दुरुपयोग कर मार्क्स और रैंक्स की ज़ोरदार धांधली की है जिससे आरक्षित सीटों का कट-ऑफ भी बढ़ गया है. ऐसा प्रतीत होता है कि गुणवान के छात्रों को रियायती दरों में सरकारी दाखिले से वंचित करने के लिए ग्रेस मार्क्स, पेपर लीक और धांधली का खेल खेला गया.

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