रूस की धरती से जेलेंस्की को मोदी ने दिया जवाब, पुतिन ने की तारीफ, पश्चिमी देशों को भी संदेश

वॉशिंगटन:

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा की आलोचना करते हुए इसे निराशा भरा और शांति प्रयासों के लिए झटका बताया था। सोमवार को जेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘यह एक बड़ी निराशा है और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का मॉस्को में दुनिया के सबसे खूनी अपराधी को गले लगाना शांति प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है।’ पीएम मोदी की इस यात्रा को लेकर अमेरिका और यूक्रेन ने चिंता जाहिर की थी। लेकिन भारत ने इससे जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया। पीएम मोदी ने पुतिन के साथ शांति की बात की, जो सीधे तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति और पश्चिमी देशों को जवाब है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक स्पष्ट संदेश देते हुए मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्धक्षेत्र में संभव नहीं है और बम, बंदूकों तथा गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में, सोमवार को यूक्रेन में बच्चों के एक अस्पताल पर बम हमले का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा, ‘चाहे आतंकवाद हो या युद्ध। अगर लोगों की जान जाती है तो मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति इससे दुखी होता है। उस पर भी यदि बेगुनाह बच्चों की हत्या हो, निर्दोष बच्चे मरें तो यह हृदय-विदारक और बहुत पीड़ादायी होता है।’

पुतिन ने की पीएम मोदी की तारीफ
पुतिन ने मंगलवार को पीएम मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया और उनकी सराहना की। पुतिन ने कहा, ‘आप सबसे ज्वलंत मुद्दों पर जिस तरह ध्यान देते हैं, उसकी मैं सराहना करता हूं। इसमें मुख्य रूप से शांतिपूर्ण तरीकों से यूक्रेन संकट का समाधान निकालने के तरीके खोजने की दिशा में आपके प्रयास शामिल हैं।’ मीटिंग की टाइमिंग पर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस ने बच्चों के अस्पताल समेत अलग-अलग स्थानों पर 40 से ज्यादा मिसाइलें दागीं।

शांतिपूर्ण समाधान की वकालत
पीएम मोदी दो दिवसीय रूस यात्रा पर सोमवार को मॉस्को पहुंचे थे जहां वह 22वीं भारत-रूस वार्षिक शिखरवार्ता में शामिल हुए। पीएम मोदी की यात्रा पर अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजर थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुदाय को आश्वासन दिया कि भारत शांति के पक्ष में है और यूक्रेन संघर्ष का बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ सालों में भारतीयों के लिए खाद्य, ईंधन और उर्वरक की कमी को टालने में भारत-रूस सहयोग की प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि ‘आपके सहयोग से हम पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता के मामले में भारत के आम नागरिकों को कठिनाइयों से बचा सके।’

 

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