8.2 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराष्ट्रीय'हिन्दू, सिख, मुस्लिम या ईसाई... कोई भी चला सकता है शिव ढाबा',...

‘हिन्दू, सिख, मुस्लिम या ईसाई… कोई भी चला सकता है शिव ढाबा’, सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस

Published on

नई दिल्ली,

‘नेमप्लेट विवाद’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. बहस के दौरान सोमवार को याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने कहा कि शिवा ढाबा की एक चेन है. इसने पूरे भारत में चेन बना रखी है. इसे कोई भी चला सकता है, चाहे वह सिख हो, मुस्लिम हो या ईसाई. इस पर बेंच ने पूछा कि क्या सरकार का कोई औपचारिक आदेश है कि इन्हें प्रदर्शित किया जाना चाहिए? क्योंकि यह कहा जा रहा है कि यह स्वैच्छिक है. इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि यह एक छद्म आदेश है.

याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने कहा,’दो और राज्यों ने अधिसूचना जारी की है. जस्टिस हृषिकेश रॉय और एसवी एन भट्टी की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है. एनजीओ एसोसिएशन ऑफ सिविल राइट्स की ओर से सी यू सिंह ने कहा,’यह कब जारी किया गया?’ सिंह ने अधिसूचना पढ़ी. उन्होंने कहा,’ऐसा पहले कभी नहीं किया गया. इसका कोई वैधानिक समर्थन नहीं है. कोई भी कानून पुलिस कमिश्नर को ऐसा करने का अधिकार नहीं देता.’ यह निर्देश हर हथगाड़ी, रेहड़ी और चाय की दुकान के लिए है. कर्मचारियों और मालिकों के नाम देने से कोई फायदा नहीं होता.

अधिकांश छोटी चाय या फल की दुकानें
कांवड़ यात्रा पर सिंघवी ने कहा,’यह न्यायालय उन लोगों के लिए कठोर है जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, और जब लोग बहुत चालाकी से काम लेते हैं और छलावरण करते हैं तो यह और भी कठोर हो जाता है. सिंघवी ने कहा उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा, अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम हजारों किलोमीटर की बात कर रहे हैं, उनमें से अधिकांश बहुत छोटी चाय की दुकान या फल की दुकान वाले हैं, यह आर्थिक मौत है. पीठ: कृपया बयानों को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं, सुरक्षा, मानक और धर्मनिरपेक्षता. ये सभी महत्वपूर्ण पहलू हैं.’

मुजफ्फरनगर में हुई थी शुरुआत
दरअसल, यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा से पहले जरूरी निर्देश जारी किए हैं. सरकार के मुताबिक, सड़क किनारे ठेले समेत हर खाद्य पदार्थ की दुकान के मालिक को अपने नाम का बोर्ड लगाना जरूरी होगा. एक दिन पहले ही इस नियम की शुरुआत मुजफ्फरनगर में हुई थी. वहां स्थानीय प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों के रास्ते में पड़ने वाली दुकानों पर उनके मालिक और संचालक के नाम लिखने के निर्देश दिए थे. अब ये नियम पूरे प्रदेश में लागू होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जुलाई को अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की और पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रियों के रास्ते में पड़ने वाली हर दुकान के मालिक और उसके संचालक का नाम लिखने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने हलाल प्रोडक्ट्स बेचने वालों पर भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. कई विपक्षी नेताओं ने यूपी सरकार से आदेश वापस लेने के लिए कहा है.

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...