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Friday, April 3, 2026
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सुप्रीम कोर्ट से भजनलाल सरकार को मिली बड़ी राहत, NGT की ओर से लगने वाला करोड़ों रुपए का फटका बचा

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जयपुर

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भजनलाल सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने (एनजीटी) यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से लगाए गए जुर्माने पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने 17 सितंबर 2024 को राजस्थान सरकार पर 746.88 करोड रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके पीछे एनजीटी ने सॉलिड़ ओर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के कथित तौर पर अवेहलना का हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के इस आदेश पर अब रोक लगा दी है।

खंडपीठ ने कहा, राजस्थान पर इतना बड़ा जुर्माना ठीक नहीं
राजस्थान पर एनजीटी के जुर्माने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई की गई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जहां सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणीय हर्जाने वाले एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी है। इससे राजस्थाल सरकार को बड़ी राहत मिली। खंडपीठ ने राजस्थान के प्रयासों को स्वीकार किया और कहा कि इतने बड़े वित्तीय जुर्माने और आपराधिक अभियोजन की संभावना से राज्य के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में बाधा आ सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने जुर्माने के खिलाफ यह रखा पक्ष
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजस्थान की ओर से एडमिशनल एडवोकेट जनरल शिव मंगल शर्मा ने बताया कि एनजीटी ने न केवल 113.10 करोड़ रुपये का भुगतान एक महीने के अंदर करने का निर्देश दिया था, बल्कि मुख्य सचिव समेत अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया है। शर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि राजस्थान सरकार ने विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की और 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को 1429.38 एमएलडी की क्षमता के साथ चालू करने और पुराने कचरे का 66.55 प्रतिशत उपचार करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद, एनजीटी ने भारी जुर्माना लगाया। एनजीटी ने राजस्थान पर पूर्ण अनुपालन में देरी और खामियों का आरोप लगाया, लेकिन राज्य की वित्तीय बाधाओं और चल रहे प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया। इस सब दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने जुर्माने के आदेश पर रोक लगा दी।

शर्मा ने एनजीटी के जुर्माने का बताया मनमाना
सुप्रीम कोर्ट के सामने शर्मा ने तर्क दिया कि यह जुर्माना मनमाना है, जो राजस्थान सरकार की तरफ से किए गए महत्वपूर्ण अनुपालन को नजरअंदाज करता है। उन्होंने बताया कि राज्य ने 2018 से लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट में 4712.98 करोड़ और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में 2872.07 करोड़ का निवेश किया है।

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