6.1 C
London
Thursday, February 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयअमेरिका में भारतीय छात्र क्यों छोड़ रहे पार्ट-टाइम जॉब, ट्रंप सरकार के...

अमेरिका में भारतीय छात्र क्यों छोड़ रहे पार्ट-टाइम जॉब, ट्रंप सरकार के किस ‘आदेश’ से मची खलबली?

Published on

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका में पढ़ने गए भारतीय छात्रों के बीच डर का माहौल है। इमिग्रेशन नीतियों के कड़े होने की चर्चा तेज हो चुकी है और इस डर के मारे कई सारे भारतीय स्टूडेंट्स ने पार्ट-टाइम जॉब्स छोड़ दी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद भारतीय छात्र डिपोर्ट किए जाने के डर से नौकरियां छोड़ रहे हैं। अमेरिका पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों के बीच पार्ट-टाइम जॉब काफी ज्यादा पॉपुलर है। इससे उनकी अच्छी कमाई भी हो जाती है, लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं।

अमेरिका में F-1 वीजा पर पढ़ने गए विदेशी छात्रों को कैंपस में 20 घंटे प्रति हफ्ते काम करने की इजाजत होती है। हालांकि, बहुत से छात्र कैंपस के बाहर भी पार्ट-टाइम जॉब करते हैं। कई छात्र रहने-खाने के खर्च को कवर करने के लिए रेस्टोरेंट, गैस स्टेशन और दुकानों में बिना दस्तावेजों के काम करते हैं। ट्रंप सरकार ने संकेत दिए हैं कि इमिग्रेशन नियमों को कड़ा किया जा सकता है और अवैध तरीके से नौकरी करने वालों को डिपोर्ट किया जाएगा। इस वजह से भारतीय छात्र कैंपस के बाहर नौकरी करने से बच रहे हैं या उन्हें छोड़ रहे हैं।

छात्रों ने क्या कहा?
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, इलिनोइस में पढ़ रहे एक छात्र ने बताया, “मैं अपने मासिक खर्चों को कवर करने के लिए कॉलेज के बाद एक छोटे से कैफे में काम करता था। मैं प्रति घंटे 7 डॉलर कमाता था और हर दिन छह घंटे काम करता था।” उसने आगे कहा, “यह एक आरामदायक व्यवस्था थी, लेकिन मैंने पिछले हफ्ते यह सुनने के बाद छोड़ दिया कि इमिग्रेशन अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। मैं कोई जोखिम नहीं ले सकता, खासकर तब जब यहां पढ़ाई करने के लिए मैंने 50,000 डॉलर (लगभग 42.5 लाख रुपये) उधार लिए हैं।”

न्यूयॉर्क में पढ़ रही एक अन्य छात्रा ने भी कुछ ऐसी ही बातें कहीं। उसने बताया, “हमने वर्कप्लेस पर रैंडम चेकिंग के बारे में सुना है। इसलिए, मैंने और मेरे दोस्तों ने अभी के लिए काम करना बंद करने का फैसला किया है। ये मुश्किल है, लेकिन हम डिपोर्ट या अपने स्टूडेंट वीजा को गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। मेरे पैरेंट्स ने पहले ही मुझे यहां भेजने के लिए काफी त्याग किया है।” छात्रों ने संकेत दिया है कि अभी वे कुछ महीनों में अपने काम के ऑप्शन देखेंगे, लेकिन वर्तमान में वे गुजारा करने के लिए भारत में दोस्तों और परिवार से मिल रहे पैसे पर निर्भर हैं।

Latest articles

शिक्षा में नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम: उच्च शिक्षा अब होगी रोजगारपरक – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नवाचार , आधुनिक तकनीक और भारतीय...

रेडियो बना जन-संवाद का सशक्त माध्यम, ‘मन की बात’ ने फूंकी नई जान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम...

पिपलानी इलाके की लेबर कॉलोनी में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

भोपाल राजधानी के पिपलानी इलाके की लेबर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना...

दूषित पानी के मुद्दे पर विधानसभा घमासान, कांग्रेस ने बोतलों में गंदा पानी दिखाकर किया प्रदर्शन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राजनीतिक पारा उस समय चढ़...

More like this

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...

हांगकांग में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें जलकर खाक, 44 लोगों की मौत

हांगकांग।हांगकांग के ताइ पो जिले में एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग...