19.5 C
London
Monday, April 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयअमेरिका में भारतीय छात्र क्यों छोड़ रहे पार्ट-टाइम जॉब, ट्रंप सरकार के...

अमेरिका में भारतीय छात्र क्यों छोड़ रहे पार्ट-टाइम जॉब, ट्रंप सरकार के किस ‘आदेश’ से मची खलबली?

Published on

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका में पढ़ने गए भारतीय छात्रों के बीच डर का माहौल है। इमिग्रेशन नीतियों के कड़े होने की चर्चा तेज हो चुकी है और इस डर के मारे कई सारे भारतीय स्टूडेंट्स ने पार्ट-टाइम जॉब्स छोड़ दी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद भारतीय छात्र डिपोर्ट किए जाने के डर से नौकरियां छोड़ रहे हैं। अमेरिका पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों के बीच पार्ट-टाइम जॉब काफी ज्यादा पॉपुलर है। इससे उनकी अच्छी कमाई भी हो जाती है, लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं।

अमेरिका में F-1 वीजा पर पढ़ने गए विदेशी छात्रों को कैंपस में 20 घंटे प्रति हफ्ते काम करने की इजाजत होती है। हालांकि, बहुत से छात्र कैंपस के बाहर भी पार्ट-टाइम जॉब करते हैं। कई छात्र रहने-खाने के खर्च को कवर करने के लिए रेस्टोरेंट, गैस स्टेशन और दुकानों में बिना दस्तावेजों के काम करते हैं। ट्रंप सरकार ने संकेत दिए हैं कि इमिग्रेशन नियमों को कड़ा किया जा सकता है और अवैध तरीके से नौकरी करने वालों को डिपोर्ट किया जाएगा। इस वजह से भारतीय छात्र कैंपस के बाहर नौकरी करने से बच रहे हैं या उन्हें छोड़ रहे हैं।

छात्रों ने क्या कहा?
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, इलिनोइस में पढ़ रहे एक छात्र ने बताया, “मैं अपने मासिक खर्चों को कवर करने के लिए कॉलेज के बाद एक छोटे से कैफे में काम करता था। मैं प्रति घंटे 7 डॉलर कमाता था और हर दिन छह घंटे काम करता था।” उसने आगे कहा, “यह एक आरामदायक व्यवस्था थी, लेकिन मैंने पिछले हफ्ते यह सुनने के बाद छोड़ दिया कि इमिग्रेशन अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। मैं कोई जोखिम नहीं ले सकता, खासकर तब जब यहां पढ़ाई करने के लिए मैंने 50,000 डॉलर (लगभग 42.5 लाख रुपये) उधार लिए हैं।”

न्यूयॉर्क में पढ़ रही एक अन्य छात्रा ने भी कुछ ऐसी ही बातें कहीं। उसने बताया, “हमने वर्कप्लेस पर रैंडम चेकिंग के बारे में सुना है। इसलिए, मैंने और मेरे दोस्तों ने अभी के लिए काम करना बंद करने का फैसला किया है। ये मुश्किल है, लेकिन हम डिपोर्ट या अपने स्टूडेंट वीजा को गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। मेरे पैरेंट्स ने पहले ही मुझे यहां भेजने के लिए काफी त्याग किया है।” छात्रों ने संकेत दिया है कि अभी वे कुछ महीनों में अपने काम के ऑप्शन देखेंगे, लेकिन वर्तमान में वे गुजारा करने के लिए भारत में दोस्तों और परिवार से मिल रहे पैसे पर निर्भर हैं।

Latest articles

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस का पैदल मार्च: भोपाल में निकाली रैली, जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज...

भोपाल के अन्ना नगर गार्बेज स्टेशन में भीषण आग: 25 टन कचरा और रिसाइक्लिंग सामग्री खाक

भोपाल। राजधानी के अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात लगी...

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भोपाल पुलिस सख्त: अप्रैल माह में वसूला 11 लाख से अधिक का जुर्माना

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के...

भोपाल में भीषण गर्मी का कहर: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी

भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने...

More like this

वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला, हमलावर पकड़ाया

चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे वॉशिंगटन। अमेरिका की राजधानी...

ईरान-अमेरिका वार्ता पर लगा ब्रेक, ट्रंप ने रद्द किया अपने डेलिगेशन का इस्लामाबाद दौरा

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ...