9.7 C
London
Tuesday, January 20, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयAkash Prime missile: भारत की वायु रक्षा में नया मील का पत्थर DRDO...

Akash Prime missile: भारत की वायु रक्षा में नया मील का पत्थर DRDO ने ‘आकाश प्राइम सिस्टम’ का सफल परीक्षण किया, दुश्मन के ड्रोन और विमानों को देगा मुंहतोड़ जवाब

Published on

Akash Prime missile:ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की वायु रक्षा प्रणाली की चर्चा पूरे विश्व में हुई थी. भारत ने चीन और तुर्की के ड्रोनों को चुनिंदा रूप से मार गिराया था. यह कारनामा रूसी निर्मित S-400 और स्वदेशी आकाश प्रणाली ने मिलकर किया था. अब भारत ने एक और स्वदेशी रक्षा प्रणाली विकसित कर ली है. DRDO ने सतह से हवा में मार करने वाली ‘आकाश प्राइम सिस्टम’ को विकसित किया है. बुधवार को इसका परीक्षण किया गया.

15000 फीट की ऊँचाई पर सफल परीक्षण

भारतीय सेना ने बुधवार को ‘आकाश प्राइम सिस्टम’ का सफल परीक्षण किया. सेना की वायु रक्षा इकाई ने DRDO अधिकारियों के सहयोग से लद्दाख में 15000 फीट से ज़्यादा की ऊँचाई पर यह परीक्षण किया. बताया गया कि परीक्षण के दौरान, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों ने अत्यधिक ऊँचाई वाले क्षेत्र में तेज़ रफ़्तार वाले विमानों पर दो हमले किए. ये हमले पूरी तरह से सफल रहे. सेना इस प्रणाली की तीसरी और चौथी रेजिमेंट का गठन करेगी.

ऑपरेशन सिंदूर में आकाश मिसाइल की भूमिका

पहलगाम हमले के बाद, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इसमें भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया था. इससे नाराज़ होकर पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमले किए थे. भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने उन ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया था. इस दौरान, आकाश मिसाइलों ने बड़ी भूमिका निभाई थी. अब DRDO ने इसके प्राइम संस्करण का परीक्षण किया है.

आकाश प्राइम सिस्टम’ की ताकत

आकाश मिसाइल को 2009 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था. आकाश की एक बैटरी में चार लॉन्चर होते हैं, जिनमें से प्रत्येक में तीन मिसाइलें होती हैं. प्रत्येक बैटरी 64 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और 12 लक्ष्यों पर हमला कर सकती है. मिसाइल में 60 किलोग्राम का उच्च विस्फोटक लगा होता है. आकाश प्रणाली पूरी तरह से मोबाइल है और वाहनों के चलते काफिले को भी सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है. यह प्रणाली 2,000 वर्ग किमी के क्षेत्र के लिए वायु रक्षा सुरक्षा प्रदान करती है.

यह भी पढ़िए: बीएचईएल हरिद्वार ने डिस्पैच किया 800 मेगावाट सुपर क्रिटिकल जनरेटर स्टेटर

भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता

‘आकाश प्राइम सिस्टम’ का सफल परीक्षण भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. यह दर्शाता है कि भारत अपनी रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी तकनीकों पर कितना भरोसा कर रहा है. यह प्रणाली भविष्य में भारतीय वायुसेना और सेना दोनों के लिए एक मज़बूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगी.

Latest articles

कोरिया गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल का भेल भोपाल दौरा तकनीकी विभागों का निरीक्षण, प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित

भोपाल।कोरिया गणराज्य (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड...

नववर्ष मिलन समारोह 2026 में सांस्कृतिक और प्रतिभा सम्मान का आयोजन—उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद में नवीन कार्यकारिणी का गठन

भोपाल।उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में नववर्ष मिलन समारोह 2026 का भव्य आयोजन...

बीएचईएल ने जारी किए दिसंबर तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे

भेल नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही...

व्यापारियों के विरोध के बावजूद विजय मार्केट बरखेड़ा में बीएचईएल प्रशासन ने अवैध कब्जों के विरुद्ध की सख्त कार्रवाई

भेल भोपाल । बीएचईएल भोपाल के महाप्रबंधक  टीयू सिंह एवं टाउनशिप प्रमुख प्रशांत पाठक के...

More like this

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...

हांगकांग में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें जलकर खाक, 44 लोगों की मौत

हांगकांग।हांगकांग के ताइ पो जिले में एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग...