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Friday, March 13, 2026
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स्‍वर्ण मंदिर हमला नहीं किया… भारतीय सेना ने खोली पोल तो सफाई देने लगा पाकिस्तान, सिखों पर क्‍या बोली शहबाज सरकार?

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इस्लामाबाद:

सिख समुदाय की भावनाओं को भड़काने के लिए पाकिस्तान ने इस बार अमृतसर स्थिति स्वर्ण मंदिर पर हमला करने की कोशिश की थी। जिसका पोल खुलने के बाद अब पाकिस्तान की तरफ से बार बार सफाई दी जा रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों हुए सैन्य संघर्ष के दौरान भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाया था। जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। भारतीय अधिकारी ने कहा है कि स्वर्ण मंदिर प्रशासन की इजाजत से मंदिर परिसर में भी एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गये थे।

जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने भारतीय सैन्य अधिकारी के इन दावों को “पूरी तरह से निराधार और गलत” बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी धार्मिक स्थलों का पूरा सम्मान करता है और स्वर्ण मंदिर जैसे पवित्र स्थल को निशाना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकता। इसके उलट उन्होंने उल्टा आरोप लगा दिया कि भारत ने पाकिस्तान में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर हमले किए हैं, जिससे कई लोगों की जान गई है।

पाकिस्तान ने स्वर्ण मंदिर पर हमले के आरोपों पर क्या कहा?
इससे पहले भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान पर स्वर्ण मंदिर पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान जानबूझकर भारत के धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है, जिसमें पूंछ जिले में एक गुरुद्वारा और एक कॉन्वेंट स्कूल शामिल हैं, जहां कई नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने पाकिस्तान पर संघर्ष को सांप्रदायिक रंग देने और गलत सूचना फैलाने का भी आरोप लगाया था। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अब चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि “पाकिस्तान कई प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों का गौरवशाली संरक्षक है और हर साल हजारों सिख तीर्थयात्रियों का स्वागत करता है, जिसमें वीजा-मुक्त करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से आने वाले तीर्थयात्री भी शामिल हैं।”

पाकिस्तान के दावे खोखले हैं। क्योंकि भारतीय सेना के एयर डिफेंस के प्रमुख ने कहा है कि अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के मुख्य ग्रंथी ने पाकिस्तान से मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए पवित्र परिसर के भीतर वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती के लिए एक इजाजत दी है। आपको बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमलों के के खिलाफ भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने आतंकियों का साथ देते हुए भारत पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए थे। समाचार एजेंसी एएनआई को दिए गए एक इंटरव्यू में लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा ने कहा, “यह बहुत अच्छा था कि स्वर्ण मंदिर के मुख्य ग्रंथी ने हमें अपनी बंदूकें तैनात करने की अनुमति दी। यह संभवतः कई वर्षों में पहली बार है कि उन्होंने स्वर्ण मंदिर की लाइटें बंद कर दीं ताकि हम ड्रोन को आते हुए देख सकें।”

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