काठमांडू
नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने कहा है कि दिल्ली की अपनी निजी यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों से ना मिल पाने से उन्हें निराशा हुई है। देउबा बीते हफ्ते स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली आई थीं, ये निजी कार्यक्रम था लेकिन उनको उम्मीद थी कि भारत सरकार के कुछ अधिकारियों से मुलाकात होगी। वह नेपाली पीएम केपी ओली के भारत दौरे पर भी बात करना चाहती थीं। ऐसा नहीं हो सका, इस पर देउबा ने अपनी निराशा जाहिर की है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देउबा नेपाल के पीएम केपी ओली के भारत दौरे का न्योता हासिल करने की कोशिश में थीं। ओली इस साल 15 जुलाई को सत्ता में वापसी करने के बाद से ही भारत आना चाहते हैं लेकिन उनको नई दिल्ली की ओर से न्योता नहीं मिला है। ऐसे में वह भारत से न्योता चाहते हैं।
ओली के भारत दौरा का रास्ता तलाश रही थीं राणा!
नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा दिल्ली में स्वास्थ्य जांच के लिए आई थीं। इस दौरान वह भारत सरकार के अधिकारियों से मिलकर नेपाल के पीएम केपी ओली के भारत दौरे का रास्ता बनाने की भी कोशिश में थीं। इसीलिए वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने की उम्मीद कर रही थीं। इसका मकसद केपी ओली के लिए निमंत्रण की प्रक्रिया शुरू करना था।
देउबा अपनी स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली आने से पहले इस साल अगस्त में भारत का आधिकारिक दौरा कर चुकी हैं। अगस्त में अपनी भारत यात्रा के दौरान देउबा ने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात की थी और कई मुद्दों पर बात की थी। देउबा के नई दिल्ली के ये दौरे इस लिहाज से भी अहम हैं क्योंकि बीते कुछ समय से नेपाल और भारत के रिश्तों में गर्मी कम होने की बात कही जा रही है।
ओली ने किया है चीन का दौरा
भारत से न्योता ना मिलने की स्थिति में ओली ने चीन का दौरा किया है। ओली नेपाल के पहले ऐसे पीएम हैं, जिन्होंने अपने पहले आधिकारिक विदेश दौरे के लिए भारत की बजाय किसी दूसरे देश को चुना। इस महीने की शुरुआत मे ओली ने चीन का दौरा किया और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की। ओली को चीन के लिए नरम रुख रखने वाला नेपाली नेता मान जाता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार उन पर क्या रुख अपनाती है।
