12.3 C
London
Wednesday, March 11, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयरूस भारत का दुश्‍मन या दोस्‍त? पाकिस्‍तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ा रहा रूसी...

रूस भारत का दुश्‍मन या दोस्‍त? पाकिस्‍तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ा रहा रूसी मीडिया, सुखोई-57 बेचने के लिए राफेल पर उठाया सवाल

Published on

मास्‍को

भारत और रूस की दोस्‍ती दशकों पुरानी है। सोवियत जमाने में पाकिस्‍तान और चीन के खिलाफ लड़ाई के दौरान सोवियत संघ ने भारत की मदद की थी। पाकिस्‍तान की मदद के लिए आए अमेरिका को रोकने के लिए सोवियत संघ ने अपने युद्धपोत तक हिंद महासागर में भेज दिए थे। इससे दोनों के बीच दोस्‍ती मजबूत हुई जो आज भी चल रही है। भारत रूस से आज भी करीब 60 फीसदी हथियार खरीदता है। भारत ने भी यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की खुलकर मदद की। अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी भारत ने रूस से अरबों डॉलर का तेल खरीदा और हथियारों की खरीद को जारी रखा है। यूक्रेन युद्ध के बाद चीन के जूनियर पार्टनर बन चुके रूस का सरकार नियंत्रित मीडिया ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्‍तानी प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने में जुट गया है। आइए समझते हैं पूरा मामला…

रूस के टीवी चैनल RT ने अपने सुखोई-57 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट को बेचने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फ्रांस के बने राफेल की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। वह भी तब जब भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्‍तान तरह-तरह की फर्जी न्‍यूज को बढ़ावा दे रहा है। रूसी आरटी चैनल ने इंडोनेशिया के 42 राफेल फाइटर जेट को खरीदने पर संदेह को हवा दिया जिसे पाकिस्‍तानी भी बढ़ावा दे रहे थे। वहीं आरटी ने रूस के सुखोई-57ई फाइटर जेट को राफेल का बेहतर विकल्‍प बताया जिसे वह इंडोनेशिया और भारत को बेचने के लिए दिन रात एक किए हुए है।

रूस को सता रहा है राफेल डील से डर!
इससे आरटी के मंसूबे को लेकर सवाल उठ रहा है। क्‍या आरटी एक तटस्‍थ पर्यवेक्षक है या रणनीतिक खिलाड़ी है जो पत्रकारिता के नाम पर रूस के हितों को बढ़ावा दे रहा है। इंडोनेशिया अपनी एयरफोर्स को आधुनिक बनाना चाहता है और इसी वजह से वह करीब 8 अरब डॉलर में 42 राफेल फाइटर जेट फ्रांस से खरीदने पर व‍िचार कर रहा है। इस बीच भारतीय राफेल और चीन के बने जे-10सी में टक्‍कर के बाद पाकिस्‍तानियों ने यह कहना शुरू कर दिया कि इंडोनेशिया इस राफेल डील को रद कर सकता है। पाकिस्‍तान के इस दावे को आरटी ने भी हवा देना शुरू कर दिया।

रूसी मीडिया ने कथित सूत्रों के हवाले से राफेल के प्रभावी होने पर भी सवाल उठा दिया। यह वही दावा है जिसे पाकिस्‍तान बढ़ा रहा है। यह वही राफेल है जिसकी मदद से भारत ने पाकिस्‍तान के कई एयरबेस पर सफलतापूर्वक मिसाइल हमला किया। वही आरटी लगातार अपने सुखोई-57 ई फाइटर जेट को बढ़‍िया बताने में जुट गया है। रूसी मीडिया का दावा है कि सुखोई-57 पांचवीं पीढ़ी का है और राफेल तथा अमेरिका के एफ-35 से बेहतर है। आरटी इसे दक्षिण पूर्व एशिया के लिए गेमचेंजर बता रहा है। इसके जरिए रूस चाहता है कि उसका हथियारों का पुराना बाजार बना रहे जबकि भारत अब पश्चिम से हथियारों को लेने पर भी फोकस कर रहा है। भारत और इंडोनेशिया दोनों ही पुराने पड़ चुके सुखोई फाइटर जेट को अभी उड़ा रहे हैं।

Latest articles

गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आएगी ‘गौ सेवा नीति’— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को...

टीईटी निर्णय के विरोध में शिक्षक-कर्मचारी एकजुट, 13 मार्च को जिलों में ज्ञापन

भोपाल मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी परीक्षा को...

लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर 6 निजी अस्पतालों को नोटिस — 31 मार्च के बाद संचालित पाए जाने पर होगी कार्रवाई

भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं...

कमला नगर में युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

भोपाल राजधानी के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित मांडवा बस्ती में एक 24 वर्षीय युवक...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...