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मुनीर बनाम सिद्धू… ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्‍तानी सेना में पहली बार बदला शक्ति संतुलन, फील्‍ड मार्शल बनाने की असल वजह जानें

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इस्‍लामाबाद:

ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्‍तान में राज करने वाली सेना में शक्ति का संतुलन बदलता दिख रहा है। दशकों बाद पहली बाद ऐसा हुआ है कि पाकिस्‍तान की वायुसेना ने थलसेना के वर्चस्‍व को तोड़ दिया है। भारत के साथ लड़ाई में पाकिस्‍तानी एयरफोर्स की भूमिका ज्‍यादा रही। इसमें चीन का पूरा तकनीकी सपोर्ट मिला। इससे जनता के अंदर पाकिस्‍तान की एयरफोर्स के अंदर भरोसा बढ़ा है। वहीं इससे पाकिस्‍तान के अंदर सिविल-मिल‍िट्री बैलेंस, रणनीतिक कंट्रोल और संस्‍थागत प्रासंगिकता को लेकर बहस शुरू हो गई है। रणनीतिक हल्‍कों में माना जा रहा है कि इसी वजह से सेना प्रमुख असीम मुनीर को अपनी सत्‍ता पर खतरा महसूस होने लगा। इसको देखते हुए शहबाज शरीफ ने उन्‍हें फील्‍ड मार्शल बनाकर उनका ओहदा सबसे ऊपर कर दिया।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के हमले को रोकने में पाकिस्‍तानी वायुसेना की भूमिका सबसे ज्‍यादा रही। उसी ने 7 मई के भारत के हमलों के दौरान पूरे युद्ध को संभाला था। वहीं पाकिस्‍तानी सेना के जमीनी एयर डिफेंस सिस्‍टम नकारा साबित हुए। यही नहीं भारत की ओर से आ रहे खतरों के बारे में भी सेना को पाकिस्‍तानी वायुसेना ने ही बताया था। इससे मुनीर सेना की भूमिका बहुत कम रह गई। भारत के साथ जंग में ऐसा पहली बार हुआ जब पाकिस्‍तानी सेना पर पाकिस्‍तान की वायुसेना भारी पड़ी है। इससे पाकिस्‍तानी वायुसेना की विदेशी पर्यवेक्षकों, पाकिस्‍तान के सिविल मिलिट्री तबके और जनता की ओर से उसकी जमकर तारीफ की जा रही है।

असीम मुनीर को बनाया फील्‍ड मार्शल
पाकिस्‍तान में दशकों से ही थलसेना प्रमुख ही असली शासक होता है। रक्षा विशेषज्ञों और पाकिस्‍तान पर करीबी नजर रखने वालों का मानना है कि जनरल असीम मुनीर को इसी वजह से फील्‍ड मार्शल बनाकर उन्‍हें 5 स्‍टार जनरल बना दिया गया। इससे एक बार फिर से पाकिस्‍तान में थल सेना को सुप्रीम बनाने की कोशिश की गई है। आलम यह है कि पाकिस्‍तान के नेता, मीडिया और रिटायर जनरल भी पाकिस्‍तान की वायुसेना के चीफ जहीर अहमद बाबर सिद्धू के नेतृत्‍व की तारीफ कर रहे हैं। इससे देश में लोगों का ध्‍यान पाकिस्‍तानी सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्‍यालय से हटकर इस्‍लामाबाद के नजदीक स्थित एयर फोर्स के मुख्‍यालय पर हो गया है।

यह भी चर्चा है कि पाकिस्‍तान का नागरिक प्रशासन पाकिस्‍तानी एयरफोर्स का इस्‍तेमाल सेना और उसके प्रमुख जनरल मुनीर के खिलाफ इस्‍तेमाल कर रही है। इससे पहले सेना भी इसी तकनीक का इस्‍तेमाल देश की राजनीति पर कब्‍जा करने के लिए करती थी। पाकिस्‍तानी एयरफोर्स की तारीफ करते हुए पीएम शहबाज शरीफ ने एयरफोर्स के चीफ सिद्धू का कार्यकाल बढ़ा दिया है। इसको लेकर भी चर्चा है कि यह जनरल मुनीर को संदेश है। पाकिस्‍तान के इतिहास में यह दूसरी बार ही है जब किसी एयरफोर्स चीफ का कार्यकाल बढ़ाया गया है। पाकिस्‍तान में हमेशा से ही सेना को ही बढ़ावा द‍िया गया है और एयरफोर्स तथा नेवी को दोयम दर्जे का व्‍यवहार झेलना पड़ा है। पाकिस्‍तान में सेना के कई जनरल तानाशाह बने और उन्‍होंने वर्षों तक शासन भी किया है।

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