मॉस्को
रूस और यूक्रेन के युद्ध को ढाई साल से ज्यादा हो चुके हैं। यूक्रेन पर हुए हमले के कारण यूरोप के बाकी देश भी डरे हुए हैं। एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध को खत्म करने के बाद चार यूरोपीय देशों पर हमला कर सकते हैं। रक्षा और सुरक्षा विशेषज्ञ निकोलस ड्रमंड का मानना है कि पुतिन रूसी साम्राज्य को फिर स्थापित करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। यह यूरोपीय देशों के लिए परेशानी का सबब है, क्योंकि पुतिन की यूक्रेन पर ‘जीत’ के बाद इन पर नजर हो सकती है।
पुतिन की सेना ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। डेली एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक निकोलस ड्रमंड ने कहा कि एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया (बाल्टिक देश), मोल्दोवा और यहां तक कि अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों को रूसी सेना की ओर से निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘पुतिन एक खतरनाक आदमी है। बहुत खतरनाक आदमी और वह चाहते हैं कि रूस फिर से एक महाशक्ति बने।’
हमला कर सकते हैं पुतिन
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वह बाल्टिक देशों पर हमला करेंगे। लेकिन वह ऐसा कर सकते हैं। बाल्टिक में नाटो सैनिक हैं, इसलिए रूस के हमले से आर्टिकल पांच एक्टिव हो जाएगा। इससे नाटों देशों को रूस पर हमला करना पड़ेगा। स्थिति नाटकीय रूप से बदल जाएंगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोल्दोवा में वह कुछ करने की कोशिश कर सकते हैं। वह अफ्रीका में भी कुछ करने का फैसला कर सकते हां। वहां के इलाकों पर कब्जा कर सकते हैं।’
रूस का यूक्रेन पर हमला
रूस ने सोमवार को ग्लाइड बम, ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल से सोमवार को दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के शहरों पर हमला किया। इसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने हाल के दिनों में हमला तेज किया है। रूस की ओर से की जा रही ये कार्रवाई यूक्रेन के लोगों को हतोत्साहित करने के लिए की जा रही है। यूक्रेन के युद्ध को 1000 दिन होने वाले हैं। जेलेंस्की ने कहा, ‘हर दिन, हर रात, रूस एक ही जैसा आतंक फैलाता है। लगातार नागरिक चीजों को निशाना बनाया जा रहा है।’ रूस और यूक्रेन दोनों ही ट्रंप के सत्ता में आने से नीति बदलने का इंतजार कर रहे हैं।
