वॉशिंगटन
सूर्य पर लगातार इस समय भयानक धमाके हो रहे हैं। सूर्य पर एक नया सनस्पॉट बन रहा है, जिससे एक शक्तिशाली एक क्लास सोलर फ्लेयर निकली है। एक हफ्ते में यह तीसरा एक्स क्लास सोलर फ्लेयर है। नासा के सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी ने 10 जनवरी को शाम 5.47 pm पर सूर्य से एक खतरनाक चमक को निकलते हुए देखा। Spaceweather.com के मुताबिक विस्फोट से अंतरिक्ष में मलबा और रेडिएशन निकला। इसके कारण पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में चमक देखने को मिली। इसके अलावा दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में रेडियो ब्लैकआउट भी हुआ।
सोलर फ्लेयर्स को आकार के आधार पर अलग-अलग किया जाता है। एक्स कैटेगरी सबसे ज्यादा ताकतवर है। इसकी ताकत को 1-10 अंकों के बीच दिखाया जाता है। जिस फ्लेयर को रेकॉर्ड किया गया है वह X1.09 है, जो सबसे खतरनाक फ्लेयर में सबसे कमजोर है। हाल में सूर्य ने कुछ दिनों को छोड़ कर अलग-अलग सनस्पॉट से शक्तिशाली फ्लेयर्स निकाले हैं। जब सूर्य अपने 25 वर्ष का चक्र पूरा करता है तो उसमें इस तरह की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2025 में अपने चरम पर होगा।
पृथ्वी से टकराया सोलर फ्लेयर
सूर्य के वातावरण में जब चुंबकीय ऊर्जा का निर्माण होता है तब एक धमाके के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलता है, इसे ही सोलर फ्लेयर कहा जाता है। शक्तिशाली M और X क्लास के सोलर फ्लेयर धरती पर रेडियो ब्लैकआउट कर सकते हैं। हाल ही में जब X1.09 श्रेणी की सोलर फ्लेयर पृथ्वी से टकराया तो एक रेडियो ब्लैकआउट देखने को मिला। प्रकाश की गति से यात्रा करते हुए यह रेडिएशन आठ मिनट के भीतर ही पृथ्वी तक पहुंच गया।
धरती पर हुआ रेडियो ब्लैकआउट
रेडिएशन के कारण पृथ्वी के वायुमंडल की ऊपरी परत आयनित हो गई। इसके कारण दक्षिणी प्रशांत महासागर में ऑस्ट्रेलिया के करीब रेडियो ब्लैकआउट देखने को मिला। सोलर फ्लेयर के अलावा सूर्य से कोरोनल मास इजेक्शन या CME भी निकलता है। ये सूर्य से प्लाजमा और चुंबकीय क्षेत्र के बड़े रिलीज होते हैं। CME विस्फोट पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर को बाथित कर सकते हैं। जिस सन स्पॉट से यह निकला है उसका नाम AR3186 है। इसमें से कोई CME निकलती नहीं देखी गई है।
