नई दिल्ली,
इस्लामिक देश सऊदी अरब में हैलोवीन मनाए जाने के बाद क्रिसमस सेलिब्रेशन ने लोगों को चौंका दिया है. दरअसल, सऊदी अरब में ईसाइयों के प्रमुख त्योहार क्रिसमस को मनाना ठीक नहीं समझा जाता था. प्रवासियों के लिए वहां की दुकानों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन से जुड़ा सामान भी छुपाकर बेचा जाता था. हालांकि, मोहम्मद बिन सलमान के सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बनने के बाद से पिछले कुछ सालों से क्रिसमस से जुड़ी चीजों पर सख्ती बहुत तो नहीं थी, लेकिन इस बार ऐसा पहला क्रिसमस था, जब सऊदी के बाजारों में पूरी तरह क्रिसमस की रौनक नजर आई.
यहां तक कि राजधानी रियाद के मॉल्स में भी क्रिसमस की धूम देखने को मिली. इस बार सऊदी अरब के प्रमुख अखबार ‘द अरब न्यूज’ ने भी पहली बार क्रिसमस को लेकर स्पेशल एडिशन लॉन्च किया. अब सऊदी में क्रिसमस को लेकर दी जा रही ढील पर जहां कुछ लोगों ने MBS के नेतृत्व में सऊदी अरब में शुरू हो रहे नए आधुनिक दौर का समर्थन किया तो कई रूढ़िवादी लोग इस बात पर भड़के हुए भी नजर आए.
दरअसल, सऊदी अरब में अक्सर गैर-इस्लामिक त्योहारों पर बधाई देना एक विवादित मुद्दा रहा है. लेकिन इस साल एक वरिष्ठ मुस्लिम धर्मगुरु ने क्रिसमस को लेकर जो कहा, वह वाकई चौंकाने वाला था. मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद अल ईसा ने इस बारे में कहा कि इस्लाम में ऐसा कुछ नहीं कहा गया है, जिसमें किसी त्योहार की बधाई देने की मनाही हो.
अरब न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रिसमस को लेकर सरकार के रुख पर काफी सऊदी युवाओं ने खुशी जताई है. एक सऊदी प्रोफेशनल ने अरब न्यूज से बात करते हुए कहा कि उसके कई ऐसे दोस्त हैं जो क्रिसमस का आनंद ले रहे हैं, जिनमें यंग कपल्स, पश्चिमी देशों से पढ़ाई करने वाले सऊदी और ज्यादा संख्या में बच्चे शामिल हैं.
सोशल मीडिया पर मिल रहे दोनों तरह के रिएक्शन
सऊदी अरब में क्रिसमस को लेकर ट्विटर पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं. एक यूजर ने कहा है कि, ”अल्लाह सऊदी अरब के लोगों को सही राह दिखाए.”एक यूजर ने सवालिया लहजे में कहा कि इस तरह क्या पश्चिमी देशों में ईद और रमजान मनाया जाता है? वहीं एक बांग्लादेशी यूजर ने इसे पूरी तरह शर्मनाक बताया.ट्विटर के एक और यूजर ने कहा कि यह सऊदी अरब के अंत की शुरुआत है. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है. एक अन्य यूजर ने कहा कि क्रिसमस सेलिब्रेशन को हराम बताया, यानी जिसकी इस्लाम में मनाही हो. वहीं एक यूजर ने कहा कि यह पूरी तरह से पागलपन है.
जहां इस तरह यूजर्स अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो काफी यूजर्स ने सऊदी के इस कदम का स्वागत किया है. एक यूजर ने सऊदी में क्रिसमस को लेकर कहा कि हमें हर एक त्योहार मनाना चाहिए, इससे शांति और खुशहाली आती है. त्योहारों को धार्मिक नजरिए से नहीं बल्कि मानवता के नजरिए से देखा जाना चाहिए. किसी भी तरह की राजनीति का हिस्सा मत बनिए.वहीं एक अन्य यूजर ने सऊदी के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सिर्फ प्यार ही जवाब है और प्यार ही रास्ता है.
MBS के दौर में बदलाव की ओर सऊदी अरब
साल 2017 में जब मोहम्मद बिन सलमान को क्राउन प्रिंस बनाया गया, तभी से ही सऊदी अरब का नया दौर शुरू हो गया था. मोहम्मद बिन सलमान ने क्राउन प्रिंस बनते ही कई ऐसे बदलाव करने शुरू कर दिए, जो रूढ़िवादियों के गले नहीं उतर पाए. मोहम्मद बिन सलमान के दौर में ही महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति दी गई.इसके साथ ही संगीत क्षेत्र को भी काफी बढ़ावा दिया गया. हाल ही में हैलोवीन मनाने के लिए सऊदी सरकार की अनुमति से यह साफ हो गया कि सेंटर ऑफ इस्लाम कहे जाने वाला सऊदी अरब तेजी से नए बदलाव की ओर बढ़ रहा है.
