10.9 C
London
Sunday, March 15, 2026
Homeराष्ट्रीयपटरियों पर दौड़ेगी हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेन, बीएचईएल ने सिंगापुर की कंपनी...

पटरियों पर दौड़ेगी हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेन, बीएचईएल ने सिंगापुर की कंपनी से किया समझौता

Published on

नई दिल्ली।

आने वाले समय में भारत की पटरियों पर हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेनें दौड़ती दिखेगीं। क्योंकि भारती हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स ने सिंगापुर की दिग्गज हाइड्रोजन फ्यूल सेल निर्माता होराइजन से 10 साल के लिए बड़ा समझौता किया है। इसके समझौते के तहत भेल नए हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन इंजन बनाएगी।

देश की सरकारी उपकरण निर्माता कंपनी बीएचईएल अब हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाली ट्रेनें बनाएंगी। कंपनी ने बिजली उत्पादन के लिए हाइड्रोजन ईंधन कोशिकाओं पर चलने वाले रेलवे इंजन को विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए उसने सिंगापुर स्थित होराइजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। इसकी जानकारी भेल ने शुक्रवार 5 सितंबर 2025 को एक एक्सचेंज फाइलिंग में दी।

हाइड्रोजन ईंधन सेल हाइड्रोजन को बिजली में परिवर्तित करता है और केवल जल वाष्प और ऊष्मा उत्पन्न करता है, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलती है, तथा इस प्रकार यह लंबी दूरी के परिवहन के लिए एक स्थायी विकल्प प्रदान करता है।

10 साल के लिए हुआ है समझौता

हाइड्रोजन ईंधन सेल-आधारित रोलिंग स्टॉक, बिजली उत्पन्न करने के लिए ऑन-बोर्ड हाइड्रोजन ईंधन कोशिकाओं का उपयोग करता है और यह डीजल या इलेक्ट्रिक ट्रेनों का शून्य-उत्सर्जन विकल्प है। इसके लिए बीएचईएल, होराइजन के साथ 10 साल का विशेष समझौता करेगा।

भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स हाइड्रोजन फ्यूल वाली सेल की सीरीज के उत्पादन और प्रणालियों को विकसित करने पर काम कर रहा है। भेल ने पहले कहा, “ये अवसर बीएचईएल की प्रणोदन प्रणालियों और विद्युत इंजनों में उसकी क्षमता को और बढ़ाते हैं, जिससे रेलवे क्षेत्र में उसकी उपस्थिति और बढ़ सकती है।”

यह भी पढ़िए: गोंडवाना मातृशक्ति ट्राईबल फाउंडेशन भेल भोपाल में चल रहे विवाद का निराकरण

भेल उच्च गति वाली ट्रेनों के साथ-साथ, उच्च अश्वशक्ति और बैटरी या हाइड्रोजन-चालित इंजनों के उभरते व्यवसायों को लक्षित करने के लिए ओईएम के साथ काम कर रही है। भेल ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाला इंजन बनाने के लिए जिस कंपनी से समझौता किया है वह सिंगापुर की एक बड़ी और नामी कंपनी है।

होराइजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजीज की स्थापना 2003 में हुई थी और यह भारी-भरकम परिवहन सहित कई तरह के अनुप्रयोगों के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बनाती है। भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे का उन्नयन, भेल के लिए एक बड़ा अवसर है, क्योंकि इसका लक्ष्य अधिक शक्तिशाली इंजन, ट्रेन सेट, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य रेल प्रौद्योगिकियाँ प्रदान करना है।

Latest articles

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

नंबर टू उद्योगपति लेंगे राजधानी की सबसे कीमती जमीन, भेल का भी नंबर लग सकता है!

भोपाल! भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार देश के ‘नंबर टू’ उद्योगपति अब भोपाल की फिजाओं में...

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

शाहबाज़ डिवीजन द्वारा “शौर्य रन का आयोजन

सागर भारतीय सेना के तत्वावधान में शाहबाज़ डिवीजन द्वारा "शौर्य रन 2026" थीम के...

एचईसी रांची के सीवीओ का अतिरिक्त प्रभार बीएचईएल के शिव पाल सिंह को

नई दिल्ली। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC), रांची...