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Wednesday, April 1, 2026
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भारत में अगले महीने आ रही कोरोना की लहर! जानें एक्सपर्ट क्यों कर रहे हैं ऐसी भविष्यवाणी

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नई दिल्ली

कोरोना को लेकर भारत में अगले 40 दिन बेहद ही महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। जनवरी में कोरोना के मामलों में भारत में भी वृद्धि देखी जा सकती है। पिछले कोविड पैटर्न का हवाला देते हुए यह बात आधिकारिक सूत्रों की ओर से बुधवार को कही गई। एक अधिकारी ने बताया कि पहले यह देखा गया है कि कोविड-19 की कोई भी एक नई लहर पूर्वी एशिया में आने के लगभग 30-35 दिनों के बाद भारत में आती है। ऐसा ट्रेंड पहले भी देखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस बार कोरोना वायरस से संक्रमण उतना गंभीर नहीं होगा। यदि कोई लहर आती भी है, तो इससे होने वाली मृत्यु और अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम होगी। चीन समेत दुनिया के कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में तेजी के बीच सरकार ने अलर्ट जारी किया है और राज्यों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड के मामलों में तेजी की स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठकें की हैं। कोरोना के ओमीक्रोन के वेरिएंट BF.7 से कई देशों में मामले तेजी से बढ़े हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीएफ.7 के फैलने की दर बहुत अधिक है और एक संक्रमित व्यक्ति 16 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

देश में 2 फीसदी लोग खराब इम्यूनिटी की वजह से खतरे की जद में हैं। कुछ समय के लिए कोविड केस की संख्या में इजाफा हो सकता है। लेकिन सूत्रा मॉडल के आधार पर किया गया अब तक का विश्लेषण यही बताता है कि हमारे यहां चीन जैसे हालात पैदा नहीं होंगे। चीन में संक्रमण तेजी से बढ़ने की वजह यह है कि वहां नेचुरल इम्यूनिटी तीस फीसदी से भी कम है।
डॉ. मणींद्र, पद्मश्री से सम्मानित

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। इस वक्त देश में कोरोना के एक्टिव केस 3468 हैं, जो कुल मामलों का 0.01 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में एक्टिव मामलों की संख्या में 47 केस बढ़े हैं। देश में मरीजों का रिकवरी रेट 98.80 प्रतिशत है। वहीं डेली पॉजिटिव रेट 0.14 प्रतिशत और वीकली पॉजिटिव रेट 0.18 प्रतिशत है।

हमारा हेल्थ सिस्टम कोरोना की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए किस हद तक तैयार है इसको लेकर देश भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मॉक ड्रिल भी किया गया । चीन से कोविड संक्रमण के कारण बने हालात की जो भयावह तस्वीरें आ रही हैं, उनके मद्देनजर अपनी तैयारियों का जायजा लेना जरूरी समझा गया। वहीं कर्नाटक पहला राज्य है जहां सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया गया है।

कोरोना को लेकर लगातार लोगों को सतर्क किया जा रहा है। सरकार भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्क हो गई है। लोग भी कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन और बूस्टर डोज लगवा रहे हैं। भारत में नेजल वैक्सीन को भी मंजूरी मिल गई है। भारत सरकार ने बीते दिनों भारत बायोटेक की नाक से दी जाने वाली वैक्सीन (Intranasal) को कोविड-19 के बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी दे दी है। देश में ऐसे पहले किसी वैक्सीन को इजाजत मिली है। इस वैक्सीन को जल्द ही देश के वैक्सीनेशन प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा।

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