16.4 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeराष्ट्रीयसिसोदिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित, कोर्ट में CBI ने क्यों किया...

सिसोदिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित, कोर्ट में CBI ने क्यों किया मनमोहन सिंह का जिक्र

Published on

नई दिल्ली

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की नियमित जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सिसोदिया दिल्ली शराब नीति घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी हैं। उधर, सिसोदिया ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रचार को लेकर लगाई गई अपनी दूसरी बेल पेटीशन शुक्रवार को वापस ले ली। उन्होंने दोनों जांच एजेंसियों सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जांच किए जा रहे मामलों में जमानत मांगी है। सीबीआई और ईडी की विशेष न्यायाधीश कावेरी बवेजा ने केंद्रीय जांच एजेंसियों और सिसोदिया के वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश 30 अप्रैल के लिए सुरक्षित रख लिया।

‘सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं सिसोदिया’
जज कावेरी बावेजा की अदालत में सिसोदिया के वकील विवेक जैन ने कहा कि अंतरिम जमानत याचिका का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि नियमित जमानत याचिका फाइल की गई है। सरकारी वकील जोहेब हुसैन और अभियोजक पंकज गुप्ता ईडी और सीबीआई की ओर से पेश हुए। जमानत याचिका का विरोध करते हुए, पंकज गुप्ता ने कहा कि सिसोदिया पीएमएलए के तहत जमानत की शर्तों को पूरा नहीं करते। आप नेता की काफी राजनीतिक पहुंच है, वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं। सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इस दौरान सीबीआई के वकील ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का जिक्र किया।

कोर्ट में कैसे आया Ex PM मनमोहन सिंह का जिक्र
सीबीआई ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक बार कहा था कि भ्रष्टाचार समाज के लिए कैंसर है। अगर सिसोदिया को जमानत दी गई तो वह आगे की जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। केस अभी ऐसे स्टेज पर है जहां उन्हें जमानत दी गई तो निश्चित रूप से उनका मकसद पूरा हो जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में सिसोदिया को मुख्य आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी ने कहा कि वह जांच में सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, जो कुछ प्रमुख पहलुओं पर शुरुआती चरण में है।

दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में आरोपी हैं सिसोदिया
सिसोदिया की जमानत याचिका फरवरी से लंबित है। उन्हें पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई और ईडी का आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं बरती गईं। लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया। लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना लाइसेंस दिए गए।

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...