2.4 C
London
Sunday, March 15, 2026
Homeराष्ट्रीयदिल्ली में अफ़ग़ान झंडे पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: तालिबान विदेश मंत्री मुत्तकी और...

दिल्ली में अफ़ग़ान झंडे पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: तालिबान विदेश मंत्री मुत्तकी और दूतावास कर्मचारियों में तीखी बहस, जानिए क्यों झुकी मुत्तकी की टीम

Published on

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी इस समय भारत दौरे पर हैं. गुरुवार को जब वह अफ़ग़ान दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले थे, तभी झंडे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. इस मुद्दे पर विदेश मंत्री मुत्तकी की टीम और दूतावास के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई. आखिरकार, मुत्तकी की टीम को झुकना पड़ा और उन्हें दूतावास कर्मचारियों की माँग माननी पड़ी.

तालिबानी झंडा लगाने पर हुआ विवाद

रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी दूतावास में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे. इस कार्यक्रम के दौरान, तालिबान की इस्लामिक अमीरात सरकार के झंडे को फहराया गया. दूतावास के स्टाफ ने तुरंत इस पर कड़ी आपत्ति जताई. स्टाफ का कहना था कि इस झंडे को अभी तक भारत सरकार ने मान्यता नहीं दी है, इसलिए इसे यहाँ नहीं फहराया जा सकता.

दूतावास स्टाफ क्यों अड़ा?

यह जानना महत्वपूर्ण है कि दिल्ली स्थित अफ़ग़ान दूतावास में आज भी पुरानी अफ़ग़ान सरकार का ही झंडा लगा हुआ है, उसे तालिबान सरकार के नए झंडे से नहीं बदला गया है. दूतावास का स्टाफ उसी पूर्ववर्ती सरकार के प्रति अपनी निष्ठा रखता है, जिसे भारत सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है. इसलिए, जब मुत्तकी की टीम ने तालिबान का नया झंडा लगाने की कोशिश की, तो स्टाफ ने इसका कड़ा विरोध किया.

मुत्तकी टीम और स्टाफ में हुई गरमागरम बहस

झंडे को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गरमागरम बहस चलती रही. मुत्तकी की टीम इसे तालिबान सरकार की आधिकारिक पहचान बता रही थी, जबकि दूतावास के कर्मचारियों ने भारतीय प्रोटोकॉल का हवाला दिया कि जब तक भारत सरकार द्वारा झंडे को मान्यता नहीं मिल जाती, तब तक इसे दूतावास परिसर में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता. यह विवाद भारत और तालिबान के बीच चल रहे राजनयिक गतिरोध को दर्शाता है.

Read Also: स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान, बीएचईएल झाँसी में साइकिल रैली एवं वॉकाथॉन का आयोजन

आखिरकार मुत्तकी की टीम को मानना पड़ा

भारी दबाव और कर्मचारियों के अडिग रुख के सामने, अंततः विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की टीम को झुकना पड़ा. स्टाफ अपनी माँग पर अड़ा रहा और उसने तालिबानी झंडा फहराने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया. यह घटना दर्शाती है कि भारत, तालिबान सरकार के साथ कूटनीतिक संबंधों को लेकर बेहद सतर्क है और अभी तक उसने उन्हें आधिकारिक मान्यता नहीं दी है.

Latest articles

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

नंबर टू उद्योगपति लेंगे राजधानी की सबसे कीमती जमीन, भेल का भी नंबर लग सकता है!

भोपाल! भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार देश के ‘नंबर टू’ उद्योगपति अब भोपाल की फिजाओं में...

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

शाहबाज़ डिवीजन द्वारा “शौर्य रन का आयोजन

सागर भारतीय सेना के तत्वावधान में शाहबाज़ डिवीजन द्वारा "शौर्य रन 2026" थीम के...

एचईसी रांची के सीवीओ का अतिरिक्त प्रभार बीएचईएल के शिव पाल सिंह को

नई दिल्ली। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC), रांची...