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‘मानव हर घर में जन्म लेता है, लेकिन मानवता नहीं’, एक्सप्रेस अड्डा में बोले मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास

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नई दिल्ली

दुनिया भर में जीवन के रहस्यों, मूल्यों और जीवन जीने के तरीकों को बताने वाले मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफस्टाइल कोच, लेखक, वक्ता और कृष्ण भक्त 49 वर्षीय प्रभु गौर गोपाल दास ने गुरुवार को इंडियन एक्सप्रेस के एक्सप्रेस अड्डा में शिरकत की इंडियन एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका उनके साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि मानव हर घर में जन्म लेता है, लेकिन मानवता नहीं है।

गौर गोपाल दास ने कहा कि कुछ लोग अपने सपनों के लिए अपनों को छोड़ देते हैं तो कुछ अन्य लोग अपनों के लिए अपने सपनों को छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि हम दूसरों को इंप्रेस करने के लिए दुनिया में नहीं आए हैं, बल्कि हम खुद को एक्सप्रेस करने के लिए आए हैं। लोग दुनिया को जानना चाहते हैं, लेकिन किसी को खुद का पता नहीं है कि वह क्या हैं।

उन्होंने कहा कि हम सोशल मीडिया से प्रभावित नहीं है, बल्कि हमने अपने माइंडसेट को ऐसा बना लिया है कि हम उससे प्रभावित हैं। हमें सोशल मीडिया से दूर होने की जगह हमें अपने को अपने पास लाना होगा। प्रगतिशील लोग वे नहीं होते हैं जो आधुनिक चाल ढाल को अपनाएं, नए तरह के कपड़े पहनें, नए तरह की दुनिया में रहें, प्रगतिशील लोग वे हैं जो दूसरे के प्रति संवेदनशील हों, जो सहानुभूति रखते हों, जो दयालू हों।

उन्होंने कहा कि लोग तनाव से इसलिए नहीं परेशान हैं कि तनाव बड़ा है, बल्कि इसलिए परेशान हैं क्योंकि वे लंबे समय तक उसे भूलना नहीं चाहते हैं। लोग उसके बारे में लगातार सोचते रहते हैं। इससे उनके मन में उससे निपटने का रास्ता ब्लाक हो जाता है और वह समझ नहीं पाते हैं कि इससे कैसे बाहर निकलें। इसका नतीजा यह होता है कि समस्या हमारे सोचने-समझने की जगह पर कब्जा कर लेता है।

गौर गोपाल दास एक भिक्षु भी हैं और लंबे समय तक अपना जीवन आध्यात्मिक और आधुनिक समाज के बीच की खाई को खत्म करने में लगाया है। पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में काम किया। लेकिन वहां उनका मन नहीं लगा और उसे छोड़कर जीवन के रहस्यों की खोज में लग गये।

1996 में गौर गोपाल दास मुंबई स्थित एक आश्रम में गए और 25 वर्षों तक वहीं रहे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक ग्रंथों, दर्शन और मनोविज्ञान का अध्ययन किया। उन तरीकों के बारे में सोचा जिनसे जीवन को अधिक जागरूक बनाने के लिए इन्हें एक साथ लाया जा सके।

उन्होंने कई किताबें लिखी हैं। इसमें लाइफज़ अमेजिंग सीक्रेट्स: हाउ टू फाइंड बैलेंस एंड पर्पस इन योर लाइफ (2018) काफी चर्चित है। इसकी पांच लाख से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं और कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।

लाइफ स्टाइल कोच के रूप में गौर गोपाल दास ने दुनिया भर की यात्रा की है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और वैश्विक मंचों, चैरिटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अपने विचार रखे। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो 500 मिलियन से अधिक बार देखे जा चुके हैं। इसमें उन्होंने बताया है कि लोगों को अपने काम, रिश्तों और आध्यात्मिकता के बीच किस तरह संतुलन बनाए रखना चाहिए।

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