16.7 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeराष्ट्रीयभारत में लॉकडाउन की जरूरत नहीं... कोविड पर सबसे सटीक भविष्यवाणी करने...

भारत में लॉकडाउन की जरूरत नहीं… कोविड पर सबसे सटीक भविष्यवाणी करने वाले IIT कानपुर का दावा

Published on

कानपुर

चीन में तेजी से बढ़ते कोविड और भारत में फैलती बेचैनी के बीच IIT कानपुर ने कहा है कि लोग घबराएं नहीं। आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि भारत की 98 फीसदी आबादी में कोविड के खिलाफ कुदरती प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो चुकी है। ऐसा हो सकता है कि कुछ लोगों की यह प्रतिरोधक कमजोर हो और कोई छोटी-मोटी लहर आ जाए। इसके अलावा भारत में परेशानी की कोई बात नहीं है। फिलहाल न तो वैक्सीन के बूस्टर शॉट की जरूरत है और न ही नए साल की पार्टियों, शादियों पर रोक लगाने की। वैक्सीन सिर्फ शॉर्ट टर्म सुरक्षा देती हैं। भारत को इसकी भी जरूरत नहीं है। क्रिसमस और नए साल की पार्टियां जारी रहनी चाहिए।

चीन में सिर्फ 20 फीसदी को इम्युनिटी
गणितीय मॉडल के आधार पर प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि चीन में अक्टूबर के आखिर तक सिर्फ 5 फीसदी जनसंख्या के पास कुदरती प्रतिरोधक क्षमता थी। नवंबर में यह बढ़कर 20 फीसदी हो गई। नवंबर से ही चीन में महामारी तेजी से फैली। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन में कोविड के 500 केस आने पर सिर्फ एक केस ही सार्वजनिक किया जा रहा है। इस वजह से चीन से रोजाना आ रहे नए मामले कम ही दिखते हैं।

चीन के लिए बढ़ेगी मुश्किल
चीन की 30 फीसदी आबादी अब भी वायरस की पहुंच से दूर है। मतलब, आगे खतरा है। ओमिक्रान का नया वेरिएंट पूरी आबादी में फैलेगा। नए केस और बढ़ेंगे। करीब 90 फीसदी आबादी के संक्रमित होने तक ऐसा ही चलता रहेगा। कोविड के प्रसार को सीरो-सर्वे से समझा जाता है। चीन का ऐसा कोई सर्वे उपलब्ध नहीं है। ओमिक्रॉन के वेरिएंट वैक्सीन से मिली प्रतिरोधक क्षमता को भेद देते हैं। जीरो-कोविड पॉलिसी से चीन सरकार के हटने के बाद वायरस का फैलना पहले से तय था।

हर देश में बढ़त की अलग वजह
दुनिया के जिन देशों ने कोरोना वायरस के खिलाफ कुदरती प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर ली, उन्हें कोई खतरा नहीं है। ब्राजील में केस बढ़ने की वजह ओमिक्रॉन का ज्यादा संक्रामक म्यूटेंट फैलना है। वहां आबादी के एक हिस्से ने प्रतिरोधक क्षमता खो दी। साउथ कोरिया में 25 फीसदी, जापान में 40 फीसदी और अमेरिका में 20 फीसदी आबादी कुदरती प्रतिरोधक क्षमता हासिल नहीं कर सकी है।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...