नई दिल्ली
बेनामी संपत्ति के मामले में दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने संशोधित बेनामी कानून के तहत समक्ष प्राधिकार/अधिकारियों को सत्येंद्र जैन के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है। जैन फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में बंद हैं।
जस्टिस यशवंत वर्मा ने सत्येंद्र जैन और कई अन्य लोगों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। इन याचिकाओं में बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत कार्यवाही शुरू किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
जस्टिस वर्मा ने कहा कि प्रतिवादी मामले की सुनवाई स्थगित करने की मांग कर रहे हैं और राजस्व प्राधिकरण ने पहले ही एक अन्य मामले में, बयान दिया है कि जब वह याचिकाकर्ता बेनामी कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत कानूनी उपायों का सहारा लेता है, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे पहले, आयकर विभाग की ओर से वकील जोहेब हुसैन ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई स्थगित करने की मांग करते हुए कहा कि मामले में फिलहाल कुछ नहीं हो रहा है और सॉलिसिटर जनरल मामले में बहस के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के वकील के बयान के मद्देनजर जैन व अन्य के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में किसी तरह की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 में पहले से लागू नहीं हो सकता है और अधिकारी कानून के लागू होने से पहले किए गए लेनदेन के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने या जब्ती की कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रख सकते हैं।
जैन ने 2017 में नए बेनामी कानून के तहत उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जैन के अनुसार, कथित बेनामी लेन-देन, 2011 से 31 मार्च, 2016 के बीच हुआ था, ऐसे में नवंबर 2016 में लागू होने वाला संशोधन कानून लागू नहीं होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।
