नई दिल्ली
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में एक और जज की नियुक्ति होने वाली है। दरअसल वरिष्ठ जज जस्टिस संजय किशन कौल के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जज की संख्या 34 में से एक कम हो गई थी। जिसके बाद अब CJI डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को नए जज की सिफारिश भेजी है। इस सिफारिश में कर्नाटक के हाईकोर्ट के जस्टिस प्रसन्ना बी वराले को सुप्रीम कोर्ट को नया जज नियुक्त करने की बात कही गई है। बता दें कि अगर केंद्र सरकार उनकी इस सिफारिश को मान लेती है तो केंद्र सरकार में दलित जजों की संख्या 3 हो जाएगी। ऐसा इतिहास में पहली बार होगा कि सुप्रीम कोर्ट में तीन दलित जज एक साथ होंगे। आइए जानते हैं कि कौन हैं जस्टिस प्रसन्ना बी वराले
औरंगाबाद से की है पढ़ाई
जस्टिस प्रसन्ना बी वराले ने अपनी पढ़ाई महाराष्ट्र के औरंगाबाद के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से की है। 61 वर्षीय जस्टिस प्रसन्ना बी वराले इस वक्त कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं। वो जज बनने से पहले 20 सालों तक आपराधिक, श्रम और प्रशासनिक मामलों के वकील रहे हैं। इस वक्त जस्टिस प्रसन्ना बी वराले हाईकोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं।
कब हुई कर्नाटक हाई कोर्ट में नियुक्ति
जस्टिस प्रसन्ना बी वराले 20 सालों तक वकील रूप में सेवा देने के बाद वो 18 जुलाई , 2008 को बॉम्बे हाईकोर्ट के जज बने। उसके बाद 15 अक्टूबर 2022 को उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। बता दें कि अब उनके नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के लिए की गई है।
किसकी जगह लेंगे जस्टिस प्रसन्ना बी वराले
जस्टिस एसके कौल पिछले साल 25 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में छह साल 10 महीने से अधिक वक्त तक काम किया था। अब जस्टिस प्रसन्न बी वराले उनकी ही जगह पर नियुक्त होने वाले हैं। बता दें कि अभी सुप्रीम कोर्ट में बी आर गवई और सीटी रविकुमार दो दलित समुदाय से आने वाले जज हैं। ऐसे में अगर अब जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की भी नियुक्ति हो जाएगी तो सुप्रीम कोर्ट में दलित जाति से आने वाले तीन जज हो जाएंगे।
