5.7 C
London
Monday, February 16, 2026
Homeराष्ट्रीययमुना संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 4 महीने में टैप करने...

यमुना संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 4 महीने में टैप करने होंगे सभी नाले, नहीं चलेगा कोई बहाना

Published on

आगरा

यमुना संरक्षण को लेकर आगरा डवलपमेन्ट फाउन्डेशन द्वारा यमुना डिसिल्टिंग की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अभय एस ओका एवं न्यायमूर्ति उज्जवल भुआन की पीठ ने सुनवाई की। जिसमें मुख्य रूप से यमुना में प्रवाहित होने वाले नालों की अन्तरिम व अन्तिम व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विचार मंथन हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने यमुना में गिरने वाले सभी नालों को 4 महीने के भीतर टैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। इस पर कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए ये भी कहा है कि अनुपालन आख्या तक मामला लंबित रहेगा।

न्यायालय ने कहा कि नगर निगम आगरा ने अपने शपथ पत्र में 23 अनटेप्ड नालों के टैपिंग कार्य को अप्रैल 2025 तक पूरा करने की बात कही थी, लेकिन उसके अनुपालन का कोई ब्यौरा नहीं है। इसको लेकर न्यायालय ने आदेश दिया कि इन 23 अनटेप्ड नालों का टैपिंग का कार्य 15 मई तक पूरा कर दिया जाए।

साथ ही अनुपालन आख्या अगले एक सप्ताह के अन्दर दाखिल कर दी जाए। इसके अलावा शपथ पत्र में 6 अनटेप्ड नालों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार से शपथ पत्र की मांग की गई है। न्यायमित्र एडीएन राव द्वारा न्यायालय को यह इंगित किया गया कि इस कार्य को समाप्त करने के लिए डीपीआर में क्या समय सीमा है। तो न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 4 माह के अन्दर कार्य को समाप्त करना होगा।

38 नालों की टैपिंग अंतिम चरण
शहर के 38 अनटैप्ट नालों के संबंध में 2 साल से योजना एव्प्रुव नहीं हो पा रही है। यूपी जल निगम (अर्बन) द्वारा संशोधित डीपीआर प्रस्तुत की गई। जिसमें न्यायालय ने आदेश दिया है कि अगली एक्जीक्यूटिव बैठक में डीपीआर स्वीकृत कर दी जाए। जिसके बाद कार्य को तुरंत शुरू कर दिया जाए। इस संबंध में जल निगम अर्बन द्वारा कार्य समाप्त करने की समय सीमा एक माह के भीतर शपथ पत्र दाखिल कर बताने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा कि इसकी आखिरी तिथि किसी भी स्थिति में मिशन द्वारा स्वीकृति की दिनांक से 3 महीने से अधिक नहीं होगी। 38 अनटैप्ड परियोजना राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजी गयी है। इस संबंध में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी द्वारा न्यायालय के समक्ष नोट प्रस्तुत किया गया था। 38 अनटैप्ड नालों में 176 करोड़ से अधिक खर्च होने की योजना है।

पर्यावरणविद अधिवक्ता केसी जैन का कहना
सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य है। जिसमें यमुना में गिरने वाले सभी नालों की टैपिंग 4 माह में पूरी करने को कहा गया है। अब समय है कि नगर निगम और जल निगम बिना देरी किए इस पर अमल करें। यमुना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर है। इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। यह आदेश यमुना को स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग रंग लेकर आएगी।

Latest articles

रिटायर्ड कर्मचारी से 14 हजार रुपये की चोरी, दो महिलाओं की सोने की चेन उड़ी

भोपाल। राजधानी भोपाल में अलग-अलग स्थानों पर चोरी की तीन वारदातें सामने आई हैं। एक...

Indian Administrative Service अधिकारी श्री मनीष सिंह ने आयुक्त जनसंपर्क एवं प्रबंध संचालक, म.प्र. माध्यम का पदभार संभाला

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी श्री मनीष सिंह ने शनिवार को आयुक्त जनसंपर्क...

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत, 61 रन से हराया

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त देकर...

भेल के हबीबगंज इंडस्ट्रियल एरिया में फैब्रिकेशन फैक्ट्री के गोदाम में आग, दो घंटे बाद पाया काबू

भोपाल भेल के हबीबगंज स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में इंटर स्टेट बस टर्मिनल के सामने स्थित...

More like this

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत, 61 रन से हराया

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त देकर...

छह छंदों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य, सरकार ने जारी किए आदेश

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से...

श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में महाशिवरात्रि पर ‘हर-हर महादेव’ की गूंज, नन्हे बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ

भोपाल कोलार रोड स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति...