8.9 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeराष्ट्रीयचुनाव से पहले अजित गुट को 'सुप्रीम' राहत, इस शर्त के साथ...

चुनाव से पहले अजित गुट को ‘सुप्रीम’ राहत, इस शर्त के साथ कर सकेंगे ‘घड़ी’ चिह्न का इस्तेमाल

Published on

नई दिल्ली,

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अजित पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है. हालांकि शीर्ष अदालत ने अजित गुट से कहा कि वह इस चुनाव चिह्न का इस्तेमाल एक डिस्क्लेमर के साथ करे. इसके साथ ही 4 नवंबर तक एक नया हलफनामा दाखिल करे कि वह निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक नया हलफनामा दाखिल करें कि आप (अजित पवार गुट) चुनाव खत्म होने तक हमारे निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेंगे. साथ ही कहा कि अपने लिए शर्मनाक स्थिति न बनाएं. अगर हमें लगता है कि हमारे आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करने की कोशिश की जा रही है, तो हम स्वत: अवमानना ​​का मामला शुरू कर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश शरद पवार द्वारा दायर याचिका पर आया है, जिसमें शीर्ष अदालत से अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के चुनाव चिह्न “घड़ी” का इस्तेमाल करने से रोकने का आग्रह किया गया था.

चाचा शरद पवार से बगावत कर अलग हुए थे अजित
बता दें कि NCP में विभाजन के बाद चुनाव आयोग ने इस साल की शुरुआत में पार्टी का चुनाव चिह्न “घड़ी” अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को आवंटित किया था. अजित पवार 2023 में अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत कर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे. वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने शरद गुट को पार्टी के नाम के रूप में “राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार” और चुनाव चिह्न “तुरहा” का उपयोग करने की अनुमति दी थी. साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा था कि अजित गुट द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए शरद पवार के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

शरद गुट ने दी ये दलील
आज सुनवाई के दौरान शरद पवार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने अजित गुट पर अपने चुनावी पोस्टरों में डिस्क्लेमर शामिल नहीं करने का आरोप लगाया. सिंघवी ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी खेमा सिर्फ वोट पाने के लिए शरद पवार के साथ जुड़ना चाहता है. सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा कि आपने (सुप्रीम कोर्ट) आदेश पारित कर उन्हें (अजित गुट को) स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि आप शरद पवार से संबंधित नहीं हैं और आप पूरी तरह से अजित पवार गुट हैं. लेकिन अजिट गुट की ओर से ऐसा कोई भी डिस्क्लेमर जारी नहीं किया गया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी.

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...