नई दिल्ली,
बाहरी दिल्ली इलाके में 23 साल की लड़की की मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस-प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है. परिवार ने साफ कहा है कि जब तक पीएम रिपोर्ट नहीं मिल जाती है, तब तक वो लड़की की अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि कल डीसीपी के बयान ने हमें तोड़ दिया था. उनको इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए. इससे पहले मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में आज शाम को अंजलि का पोस्टमार्टम किया गया. इस पूरे केस में गठित मेडिकल बोर्ड निगरानी कर रहा है.
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के बाहर एक रिश्तेदार ने कहा- मैं प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल से निवेदन करता हूं कि इन पांच लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. जब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती है. हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. कल शाम 3 बजे तक हमें उम्मीद है कि स्पेशल रिक्वेस्ट पर पीएम रिपोर्ट मिल जाएगी. पोस्टमार्टम की प्रॉपर रिकॉर्डिंग की गई है.
हम केजरीवाल साब से कहेंगे कि आप एलजी साब का मांग रहे हो, आप पहले दिल्ली के प्रशासन को दुरुस्त करो. जब भी कोई प्रशंसा की बात होती है तो ये केजरीवाल साब सामने आ जाते हैं और लॉ एंड ऑर्डर के हालात पर पीछे हो जाते हैं. ये राजनीति का वक्त नहीं है. अंजलि को इंसाफ चाहिए. कल जो डीसीपी साब का बयान था, उसने हम लोगों को तोड़ दिया था. बहुत दुख हुआ था. ऐसा बयान डीसीपी को नहीं देना चाहिए था.
बता दें कि कंझावला मामले में मृतक लड़की का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है. करीब डेढ़ घंटे तक पोस्टमार्टम चला. तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है. उसके बाद अब रिपोर्ट तैयार की जाएगी और पुलिस को सौंपी जाएगी.
क्या कहा था डीसीपी ने…
दिल्ली आउटर के डीसीपी हरेंद्र के सिंह ने कहा था कि पुलिस ने दर्ज कार नंबर के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया. जांच के दौरान आरोपियों ने कहा कि उनकी कार पीड़िता की स्कूटी के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, उसके बाद वे आगे भागने लगे. लेकिन वे इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि उनकी कार में स्कूटी समेत लड़की फंस गई है और सड़क पर कई किलोमीटर तक घसीटकर ले आए हैं.
एक्सीडेंट बताकर पल्ला झाड़ रही थी पुलिस
31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरम्यानी रात दिल्ली पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली थी. जिसके मुताबिक, सुल्तानपुरी से कंझावला इलाके तक एक कार करीब 4 किलोमीटर तक एक लड़की को घसीटते हुए ले गई थी. लड़की के शरीर में काफी चोटें आईं थी. लड़की के शरीर से सारे कपड़े अलग हो गए थे. इसके बाद उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. उस वक्त दिल्ली पुलिस इस मामले को एक एक्सीडेंट बताकर पल्ला झाड़ रही थी.
स्कूटी के नंबर से लड़की की शिनाख्त
हालांकि, लड़की की जो फोटो सामने आई है, उसे कोई देख तक नहीं पाएगा. इसलिए हम फोटो नहीं दिखा सकते हैं. लड़की के शरीर से सारे कपड़े भी निकल गए थे. उसका पूरा शरीर क्षति-विक्षत हो गया था. दोनों पैर तक कट गए. लड़की एक इवेंट कंपनी में काम करती थी. घटना के समय रात में वह अपनी ड्यूटी से लौट रही थी. पुलिस ने बताया कि स्कूटी के नंबर से हमने लड़की को आइडेंटिफाई किया.
पुलिस ने सुबह दी परिवार को सूचना
31 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे अमन विहार निवासी लड़की घर से यह कहकर निकली थी कि उसे पार्टी (ईवेंट कंपनी) का कुछ काम है. रात 9 बजे लड़की ने घर फोन किया और कहा कि वह रात में वापस आएगी. परिवार का कहना है कि उन्होंने रात 10 बजे लड़की को फोन किया था, लेकिन फोन बंद था. दिल्ली पुलिस ने सुबह 8 बजे परिवार को दुर्घटना के बारे में बताया.
