19 C
London
Tuesday, June 23, 2026
Homeराजनीतिजेपी नड्डा के बाद अब PM मोदी के प्रमुख सचिव ने ली...

जेपी नड्डा के बाद अब PM मोदी के प्रमुख सचिव ने ली मीटिंग, mpox को लेकर ढिलाई के मूड में नहीं है सरकार

Published on

नई दिल्ली

कोराना के बाद एक और वायरस एमपॉक्स भारत सहित पूरी दुनिया को टेंशन दे रहा है। भारत के लिए राहत की बात यह है कि यहां अभी एक भी केस रिपोर्ट नहीं किया गया है। सरकार भी समय से पहले इसे लेकर अलर्ट हो गई है। आज प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन में मंकीपॉक्स यानी चेचक जैसी बीमारी की तैयारियों पर चर्चा की गई। एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। बता दें कि एक दिन पहले यानी शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी स्वास्थ्य अधिकारियों संग एक मीटिंग की थी।

मीटिंग में एमपॉक्स पर क्या बात हुई?
पीएम मोदी के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने एमपॉक्स(mpox) को लेकर की गई मीटिंग के बारे में बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के पहले के एक बयान के अनुसार, साल 2022 से अब तक 116 देशों में कुल 99,176 मामले और 208 मौतें मंकीपॉक्स के कारण हुई हैं। इसके बाद, उन्होंने बताया कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले साल, मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई थी, और इस साल अब तक के मामलों की संख्या पिछले साल के कुल मामलों से भी ज्यादा हो गई है। अब तक 15,600 से ज्यादा मामले और 537 मौतें हो चुकी हैं।

प्रमुख सचिव ने निगरानी बढ़ाने और मामलों का जल्दी पता लगाने के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल्दी निदान के लिए जांच प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। फिलहाल 32 प्रयोगशालाएं जांच के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, पीके मिश्रा ने बीमारी की रोकथाम और इलाज के तरीकों को व्यापक रूप से फैलाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को लक्षणों की पहचान करने और निगरानी प्रणाली को समय पर सूचना देने की आवश्यकता पर जागरूकता अभियान चलाने के महत्व पर बल दिया।

जारी बयान के अनुसार, स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
➤12 अगस्त, 2024 को, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने भारत के लिए संभावित खतरे का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की एक बैठक बुलाई।
➤NCDC द्वारा पहले जारी की गई मंकीपॉक्स पर संक्रामक रोग (CD) अलर्ट को नए घटनाक्रमों को शामिल करने के लिए अपडेट किया जा रहा है।
➤देश में आने वाले मुख्य रास्तों, यानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर तैनात मेडिकल स्टाफ को जागरूक करने और तैयार करने की कोशिशें की गई हैं।

जेपी नड्डा ने भी ली थी बैठक
शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें बंदर चेचक की स्थिति और देश की तैयारियों का आकलन किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अफ्रीका सीडीसी ने इस हफ्ते मंकीपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। यह बीमारी अफ्रीका के 13 देशों में फैल गई है, जिनमें से चार नए देश हैं। बयान में कहा गया है कि वर्ष 2022 में WHO द्वारा अंतरराष्ट्रीय चिंता के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद से भारत में 30 मामले सामने आए थे। बंदर चेचक का आखिरी मामला मार्च 2024 में पाया गया था। भारत में अभी तक बंदर चेचक के कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

Latest articles

सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक...

जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान का आधार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान की...

विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक-2025 पर सीएम भगवंत मान की आपत्ति, केंद्र से पुनर्विचार की मांग

चंडीगढ़। भगवंत मान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रस्तावित ‘विकसित...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...