18.5 C
London
Saturday, June 20, 2026
Homeराजनीतिसंसद के मकर द्वार पर 19 दिसंबर को सांसदों के बीच हुई...

संसद के मकर द्वार पर 19 दिसंबर को सांसदों के बीच हुई धक्का-मुक्की में सीआईएसएफ की कोई गलती नहीं, बनेगी एसओपी

Published on

नई दिल्ली

पार्लियामेंट के मकर द्वार पर 19 दिसंबर को पक्ष-विपक्ष के सांसदों के बीच कथित तौर पर हुई धक्का-मुक्की मामले में संसद की सुरक्षा संभाल रही सीआईएसएफ का कहना है कि उनकी तरफ से कोई गलती नहीं हुई। अलबत्ता, वहां मौजूद सीआईएसएफ के जवानों ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाई। मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा संसद के किसी भी द्वार पर धरना-प्रदर्शन करने से रोक लगाने वाले आदेश को देखते हुए इस मामले में अब एसओपी बनाई जाएगी। ताकि संसद में फिर से 19 दिसंबर जैसी घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाए।

‘CISF की तरफ से नहीं हुई थी कोई गलती’
मामले में सीआईएसएफ के डीआईजी (ऑपरेशंस) श्रीकांत किशोर ने संसद में 19 दिसंबर वाली घटना के बारे में बताया कि उस दिन सीआईएसएफ की तरफ से कोई गलती नहीं हुई, किसी हथियार को अनुमति नहीं दी गई। जब उनसे कुछ सांसदों द्वारा संसद के एंट्री गेट पर तैनात सीआईएसएफ के अधिकारियों द्वारा उन्हें ना पहचानने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि संसद की सुरक्षा संभालते हुए सीआईएसएफ को करीब छह महीने का वक्त हो चुका है। सभी का फीडबैक सीआईएसएफ के प्रति पॉजिटिव आया है। रही बात किसी सदस्य के आरोप लगाने की तो सीआईएसएफ इस पर चुप रहना पसंद करेगा। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी सांसद की सुरक्षा जांच नहीं की जाती है।

कोई बल नहीं कर रहा जांच
सीआईएसएफ ने यह भी कहा कि 19 दिसंबर को संसद के मकर द्वार पर हुई घटना के मामले में बल कोई जांच नहीं कर रहा और ना ही ऐसा कोई आदेश मिला है। इस घटना में बीजेपी के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए थे। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बीजेपी की शिकायत पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कांग्रेस की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भी चोटिल होने की शिकायत की गई थी।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे गए
मामले में सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है। रही बात संसद में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद होने की तो स्पॉट के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की उस दिन की फुटेज सुरक्षित रख ली गई है। सूत्रों ने यह तो नहीं बताया कि क्या किसी फुटेज में कथित तौर पर सांसदों के बीच हुई धक्का-मुक्की की फुटेज भी कैद हुई है। लेकिन सूत्रों का यह जरूर कहना है कि अगर यहां लगे कुछ कैमरों की रिकॉर्डिंग दिल्ली पुलिस जांच के लिए मांगेगी। तब उचित अथॉरिटी के आदेश पर इसे जांच एजेंसी को दिया जा सकता है।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल की सौजन्य भेंट

रायपुर। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग...

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पदक विजेता योग खिलाड़ियों के साथ किया योगाभ्यास

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला...

फगवाड़ा में सीएम भगवंत मान का विपक्ष पर हमला, विकास कार्यों के लिए 18.57 करोड़ रुपए की घोषणा

पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फगवाड़ा में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में...

इंदौर में नीट छात्रा ने तीसरी मंजिल से कूदकर की खुदकुशी; तीन बार असफल होने और परीक्षा विवाद से थी डिप्रेशन में, प्रदेश में...

इंदौर। मप्र के इंदौर स्थित भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...