प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वॉइट हाउस जाने की खबरों के बीच अमेरिका ने अवैध भारतीय प्रवासियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है 3 फरवरी को अवैध प्रवासियों को लेकर अमेरिका से एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट भारत के लिए रवाना हुआ है. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने इमिग्रेशन एजेंडे को पूरा करने के लिए सेना की मदद ले रहे हैं. जिसमें अमेरिकी-मेक्सिको बॉर्डर पर अतिरिक्त सैनिक भेजना, प्रवासियों को देश से बाहर करने के लिए मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स का यूज करना और उन्हें ठहराने के लिए सैन्य अड्डे खोलना शामिल है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि C-17 एयरक्राफ्ट अवैध प्रवासियों को लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है. और इसे पहुंचने में कम से कम 24 घंटे लगेंगे. दरअसल डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन करने का वादा किया था. जिसके बाद इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) ने 15 लाख अवैध प्रवासियों की लिस्ट तैयार की. जिसमें 18 हजार भारतीय भी हैं.
पेंटागन (यूएस डिफेंस हेडक्वार्टर) ने एल पासो, टेक्सास, सैन डिएगो और कैलिफोर्निया में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पकड़े गए 5 हजार से ज्यादा अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के लिए फ्लाइट्स उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है. अब तक मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स ने प्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास तक पहुंचाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे पर जाएंगे
अवैध भारतीय प्रवासियों के डिपोर्टेशन के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर अमेरिका जाने वाले हैं. प्रधानमंत्री 10 और 11 फरवरी को आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पेरिस जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक पेरिस की यात्रा खत्म करने के बाद वे वाशिंगटन डीसी जाएंगे. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. वे उन चुनिंदा विदेशी नेताओं में होंगे जो ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में आने के कुछ ही हफ्तों के भीतर द्विपक्षीय यात्रा के लिए वॉइट हाउस जाएंगे.
