नई दिल्ली
दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के चीफ अरविंद केजरीवाल ने अभी से कमर कस ली है। वह रोजाना जनसभाओं और रैलियों में नजर आ रहे हैं। शराब घोटाले के आरोपों में घिरे अरविंद केजरीवाल के लिए दिल्ली चुनाव जीतना बेहद जरूरी बन गया है। लेकिन केजरीवाल की राह रोज मुश्किल होती जा रही है। केजरीवाल को दिल्ली में प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी के अलावा तीन बड़ी चुनौतियों का सामना भी करना होगा, जिसमें एनसीपी से निपटना भी शामिल हैं। दरअसल महाराष्ट्र चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार की केंद्र की राजनीति की ख्वाहिश जिंदा हो गई है। एनसीपी दिल्ली चुनाव लड़ने के मूड में है।
एनसीपी लड़ेगी दिल्ली चुनाव
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अब अजित पवार की अगुवाई वाली NCP ने अपनी अगली रणनीति की योजना बना ली है। दिल्ली में हुई NCP की बैठक में अजित पवार ने पार्टी को फिर से राष्ट्रीय राजनीतिक ताकत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैसे पार्टी पहले राष्ट्रीय स्तर पर थी और अब उसे वापस उस मुकाम तक पहुंचाना है। NCP सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी पार्टी की प्रगति की बात करते हुए कहा कि अब तीन राज्यों में पार्टी की पहचान बन चुकी है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में NCP के उतरने का ऐलान भी किया।
इस IAS अफसर से होगा केजरीवाल सामना
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने वरिष्ठ आईएएस अफसर आर एलिस वाज को दिल्ली का मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। पिछले हफ्ते उनकी नियुक्ति को आयोग ने मंजूरी दी थी। आर एलिस वाज वही अधिकारी हैं, जिन्होंने दिल्ली सरकार के विज्ञापन मामले में AAP का संयोजक होने के नाते अरविंद केजरीवाल को पिछले साल 163 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस भेजा था। दिल्ली सरकार ने उन पर योगशाला कार्यक्रम को रोकने का भी आरोप लगाया था। ऐसे में केजरीवाल के सामने चुनाव प्रचार के दौरान कई संकट खड़े हो सकते हैं।
कांग्रेस भी आंख दिखा रही है
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अकेले ही चुनावी मैदान में दिख सकते हैं, क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस अब आम आदमी पार्टी के साथ चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है। दरअसल जो कांग्रेस कुछ महीने पहले तक अरविंद केजरीवाल के बचाव में बीजेपी से लड़ रही थी। वहीं कांग्रेस आज शराब घोटाला और अन्य खामियों को लेकर केजरीवाल के खिलाफ ही मोर्चा खोलकर बैठी है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित केजरीवाल पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में केजरीवाल के लिए अकेले दमपर बीजेपी से निपटना मुश्किल हो सकता है।
