17 C
London
Tuesday, June 2, 2026
Homeराजनीतिअटल से मोदी तक... इस तस्‍वीर में सबकुछ बदल चुका है, सिर्फ...

अटल से मोदी तक… इस तस्‍वीर में सबकुछ बदल चुका है, सिर्फ नहीं बदले तो पुतिन!

Published on

नई दिल्‍ली

दो दशक का समय लंबा होता है। यह तब महसूस होता है जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं। पिछले 20 साल के लिए भी यही बात कही जा सकती है। इस दौरान दुनियाभर में तमाम सरकारें आई-गईं। तख्‍तापलट हुए। सरकारों में भूमिकाएं बदलीं। एक की दूसरे ने जगह ली। कुछ हमारे बीच नहीं रह गए। यह तस्‍वीर भी उसी की बानगी है। इसमें सबकुछ बदल गया है। यह 2001 की है। तब देश की कमान अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों में थी। वह प्रधानमंत्री थे। देश के मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी उन दिनों गुजरात के मुख्‍यमंत्री होते थे। पीछे खड़े जसवंत सिंह रक्षा मंत्री होते थे। इस तस्‍वीर में सबकुछ बदल चुका है। सिर्फ नहीं बदले हैं तो रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन । वह तब भी रूस के सर्वोच्‍च नेता थे और आज भी हैं। पुतिन तब भी भारत के उतने ही अच्‍छे दोस्‍त थे जितने आज हैं।

यह तस्‍वीर नवंबर 2001 की है। तब वाजपेयी की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल भारत-रूस शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने मॉस्‍को गया था। नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल थे। तब जसवंत सिंह रक्षा मंत्री थे। वह भी इस टोली का हिस्‍सा थे। तब पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुतिन से मिलने का मौका मिला था। मॉस्‍को में अटल बिहारी वाजपेयी की मौजूदगी में उनकी मुलाकात पुतिन से हुई थी।

पुत‍िन ने मोदी का क‍िया था गर्मजोशी से स्‍वागत
पुतिन तब भी भारत का बहुत सम्‍मान करते थे। उनका व्‍यवहार अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी दोस्‍त जैसा था। उस समय भले नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे, लेकिन पुतिन ने पूरी गर्मजोशी के साथ उनका स्‍वागत किया था। मोदी को पुतिन ने एक बार भी एहसास नहीं होने दिया कि उनका महत्‍व कुछ कम है।

आज अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच में नहीं हैं। उनका 16 अगस्‍त 2018 को निधन हो गया था। जसवंत सिंह ने भी 27 सितंबर 2020 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। 2001 में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी आज भारत के प्रधानमंत्री हैं। एक पुतिन ही हैं जो जैसे थे वैसे ही हैं।

रूस से नहीं बदले भारत के संबंध
भारत और रूस के शानदार संबंधों को उनके कार्यकाल में नई ऊंचाइयां मिलीं। हर मुश्किल समय में भारत को रूस का साथ मिला। परमाणु परीक्षण के बाद जब पूरी दुनिया ने भारत से मुंह फेर लिया था तब भी रूस उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था। भारत ने भी रूस के साथ वही किया। यूक्रेन पर हमले के बाद जब पूरी दुनिया रूस को कसूरवार ठहराने में जुट गई तो हमने इससे दूरी बनाई। इन दो दशकों में भारत के अमेरिका और यूरोप के साथ भी संबंध बेहद अच्‍छे हुए हैं। लेकिन, उसने अपने पुराने दोस्‍त को दगा नहीं दिया। व्‍लादिमीर पुतिन पूर्व में इंटेलिजेंस ऑफिसर थे। उन्‍होंने केजीबी फॉरेन इंटेलिजेंस ऑफिसर के तौर पर 16 साल काम किया है। राष्‍ट्रपति के तौर पर उनका पहला कार्यकाल 2000 से 2008 तक था। फिर 2012 से वह अब तक रूस के राष्‍ट्रपति हैं।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में पीएम आवास और पीएम सूर्य घर योजना का अभिनव संगम: सीएम विष्णु देव साय ने कोंडागांव में कराया गृह प्रवेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव...

राजस्थान आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: एक महीने के विशेष अभियान में ₹3.93 करोड़ की विदेशी शराब जब्त, 5.62 लाख लीटर वॉश नष्ट; 922...

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिली नई गति

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी विजन और सकारात्मक सोच के चलते राजस्थान में...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...