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झारखंड में हेमंत सोरेन की जीत केजरीवाल के लिए शुभ संकेत कैसे? समझिए

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नई दिल्ली

तेरा गम मेरा गम एक जैसा सनम, हम दोनों की एक कहानी… कुछ महीनों पहले बॉलीवुड का ये गीत अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन पर सटीक बैठ रहा था। दरअसल दोनों महिलाओं के पति अलग-अलग वजहों से जेल में थे। दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले मामले में तिहाड़ की हवा खा रहे थे। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल पहुंच गए थे। गिरफ्तारी से पहले हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ दे दिया था। लेकिन अरविंद केजरीवाल जेल से ही दिल्ली की सत्ता चला रहे थे।

दोनों नेताओं ने उस दौरान बीजेपी पर ईडी का दुरुपयोग कर झूठे मामले में फंसाने का दावा किया था। पतियों पर आए संकट को देखते हुए दोनों नेताओं की पत्नियों ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था। 31 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन ने शक्ति प्रदर्शन किया था। इस दौरान कल्पना सोरेन ने भी अपने पति हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को भी नजायज ठहराया था।

सच हो गई कल्पना सोरेन की भविष्यवाणी
इस विशाल जनसभा में कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल ने दावा किया था कि ‘बीजेपी की तानाशाही का जवाब दिल्ली और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता देगी।’ कल्पना सोरेन के लिए तो भविष्यवाणी सही बैठ गई है। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई (एमएल) गठबंधन का लगातार दूसरी बार सत्ता में आना तय हो गया है। जेएमएस के खाते में बंपर 34 सीटें आई हैं। क्या झारखंड की तर्ज पर केजरीवाल को भी दिल्ली में जीत मिलेगी? यह चर्चा राजनीतिक गलियारों में होना शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि झारखंड में हेमंत सोरेन के पक्ष में काफी हद तक सहानुभूती वोट भी गए हैं। हालांकि दिल्ली में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

दिल्ली में फंस सकता है पेच
दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। दिल्ली में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने तैयारी जोरों पर शुरू कर दी हैं। झारखंड में सोरेन की जीत देखकर आज केजरीवाल की भी दिल्ली चुनाव जीतने की उम्मीदें और बढ़ गई होंगी। लेकिन केजरीवाल के लिए राह आसान नहीं है। दरअसल झारखंड में हेमंत सोरेन ने इंडिया गठबंधन के बैनर तले चुनाव लड़ा है। चुनावी नतीजों से जाहिर है कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक का पूरा प्रकरण हेमंत सोरेन के पक्ष में चला गया।

अकेले चुनाव लड़ने के मूड में कांग्रेस
इससे उलट दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अकेले ही चुनावी मैदान में दिख सकते हैं, क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस अब आम आदमी पार्टी के साथ चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है। दरअसल जो कांग्रेस कुछ महीने पहले तक अरविंद केजरीवाल के बचाव में बीजेपी से लड़ रही थी। वहीं कांग्रेस आज शराब घोटाला और अन्य खामियों को लेकर केजरीवाल के खिलाफ ही मोर्चा खोलकर बैठी है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित केजरीवाल पर तीखे तीर छोड़ रहे हैं। ऐसे में केजरीवाल के लिए अकेले दमपर बीजेपी से निपटना मुश्किल हो सकता है।

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