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ममता बनर्जी, पिनाराई विजयन, सिद्धारमैया… विरोध की राजनीति या कुछ और, नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए ये चार सीएम

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नई दिल्ली:

नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शनिवार को नई दिल्ली में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का विषय ‘2047 में विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ था। इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नरों को बुलाया गया था। लेकिन पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग नहीं लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग पर जोर दिया ताकि देश के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी बैठक में नहीं आए। ममता बनर्जी के बैठक में न आने का कारण पता नहीं चल पाया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपनी जगह अपने राज्य के वित्त मंत्री बालगोपाल को भेजा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि वे पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने भी बैठक में न आने का कोई कारण नहीं बताया।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी रहे नदारद?
दिल्ली में शनिवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 10वीं बैठक हुई। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय रही। इस पर नीतीश ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। नीति आयोग की बैठक में शामिल न होने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा, ‘नीति आयोग की बैठक के लिए नहीं आए हैं। पीएम और एनडीए के मुख्यमंत्रियों की बैठक में भाग लेने आए हैं। बैठक का समय थोड़ा बढ़ा दिया गया है। उसी में भाग लेंगे।’ यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में क्या खास कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह जरूरी है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें।
उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को साथ मिलकर चलने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से पर्यटन विकास पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुसार, सभी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के साथ प्रति राज्य कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तो देश का विकास होगा।
उन्होंने कहा कि जब हर राज्य विकसित होगा, तभी भारत विकसित होगा। यह देश के 140 करोड़ लोगों का सपना है।

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