नई दिल्ली
अमेरिका चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद से ही पूरी दुनिया की राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप की योजनाओं को लेकर कई देश टेंशन में हैं। इस बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने साफ कहा है कि भारत उन देशों में से नहीं है, जो अमेरिका को लेकर घबराए हुए हैं। मुंबई में आयोजित आदित्य बिरला 25वीं रजत जयंती छात्रवृत्ति कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के साथ मजबूत संबंध रखते हैं।’ उन्होंने बताया कि ‘जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीते थे, तो उनकी पहली तीन फोन कॉल में से एक कॉल पीएम मोदी को थी।’
उन्होंने आगे कहा,’ पीएम मोदी ने कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं। जब पीएम मोदी पहली बार वाशिंगटन डीसी गए थे, तब बराक ओबामा राष्ट्रपति थे। उसके बाद ट्रंप और फिर बाइडेन राष्ट्रपति बने।’ विदेश मंत्री ने कहा कि ‘आज बहुत से देश अमेरिका को लेकर घबराए हुए हैं, लेकिन भारत उनमें से नहीं है।’
‘दुनियाभर में भारत की चर्चा’
डॉ. जयशंकर ने कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया भर में भारत की प्रगति की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे बदलावों को दुनिया देख रही है और उसकी सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में 75 नए हवाई अड्डे, 16 नए मेट्रो, बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग, अच्छी रेलवे यात्रा और युवा प्रतिभा इसका प्रमाण हैं।
‘सरकार की नीतियां व्यापार करना आसान बना रही हैं’
डॉ. जयशंकर ने कहा कि सरकार की नीतियां व्यापार करना आसान बना रही हैं, नागरिकों के जीवन को आसान बना रही हैं, नौकरशाही को कम कर रही हैं, नागरिक जागरूकता को मजबूत कर रही हैं और मानव संसाधन विकास में सुधार कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘दुनिया एक प्रतिस्पर्धी जगह है और भारत के उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए, हमें भी अपनी प्रवृत्ति को लगातार तेज करना चाहिए।’
‘भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनानी है’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को सिर्फ कुछ जगहों पर निर्भर रहने के खतरे कोविड के दौरान समझ आए। उन्होंने कहा कि उत्पादन और बाजार पर एकाधिकार का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए भी हो सकता है। इसीलिए अब भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाने की बात हो रही है। डिजिटल दुनिया में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के समय में, यह जानना बहुत जरूरी है कि आपका डेटा कौन इस्तेमाल कर रहा है। डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा अब उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी की मजबूत सप्लाई चेन।
