नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में एक महिला SPG कमांडो तैनात दिखीं। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग सोशल मीडिया पर इस बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, SPG में महिला कमांडो होना कोई नई बात नहीं है। पहले भी महिलाएं SPG का हिस्सा रही हैं। शुरुआत में महिलाओं को एडवांस तैनाती में रखा जाता था। वायरल तस्वीर संसद के अंदर की बताई जा रही है। संसद में SPG की महिला कमांडो की तैनाती आम बात है।
एसपीजी की महिला कमांडो संसद में पहले से ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर आने जाने वालों पर नजर रखती हैं या फिर कोई महिला गेस्ट जब पीएम से मिलने आती हैं तो उनकी निगरानी, फ्रिस्किंग और PM तक गेस्ट को पहुंचाने के लिए रखा जाता है। सूत्रों ने बताया क्लोज प्रोटेक्शन टीम यानी (CPT) के लिए महिला कमांडो डिप्लॉयमेंट 2015 के बाद से किया जाने लगा है। यही नहीं जब प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर जाते हैं तो उस दौरान भी महिला एसपीजी कमांडो को विदेश भी भेजा जाता है जो वहां एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL) के लिए काम करती हैं।
एसपीजी का गठन कब और क्यों हुआ?
विशेष सुरक्षा समूह (SPG) की स्थापना 1985 में प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके तत्काल परिवार के सदस्यों को निकट सुरक्षा कवर प्रदान करने के इरादे से की गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जब उनके ही सुरक्षा कर्मियों की ओर से हत्या कर दी गई, तब केंद्र सरकार को एक समर्पित बल जुटाने की आवश्यकता महसूस हुई, जो देश के वर्तमान और पूर्व प्रधान मंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा कर सके। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात एक महिला SPG कमांडो की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। यूजर्स इस तस्वीर पर खूब कमेंट कर रहे हैं और मोदी सरकार की सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है मोदी हैं तभी मुमकिन है कि देश बेटियां आगे बढ़ रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि यह तस्वीर बताती है कि पीएम मोदी महिला सशक्तिकरण को कितना बढ़ावा देते हैं।
